सूखे प्रदेश में सरकारी दावों को सही मानें तो हरियाली ही हरियाली फैल रही है। बीते वर्ष एक पेड़ मां के नाम अभियान में ही रिकॉर्ड पौधे लगाने का दावा किया जा रहा है। वन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष सभी जिलों में 10 करोड़ पौधे लगाए जाने थे। इसकी तुलना में 11.75 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए। सबसे ज्यादा पौधे जयपुर जिले में लगाए गए लेकिन क्षेत्र के अनुसार टॉप टेन ज्यादा जिले दक्षिणी राजस्थान के हैं। वहां के जिले व्यक्तिगत और समूह दोनों श्रेणियों आगे हैं। वहीं, इस वर्ष मानसून सीजन के लिए वन विभाग ने पौधारोपण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। लक्ष्य वही 10 करोड़ पौधे रोपने का रखा गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बीते दो वर्षों में ही 19 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पांच साल में 50 करोड़ पौधे लगाने की बात कही थी। जयपुर, उदयपुर और भीलवाड़ा टॉप-3 में शामिल राज्य सरकार ने आगामी मानसून सीजन में भी 10 करोड़ पौधे रोपण का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2024 में 7 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य था और इससे अधिक 7.22 करोड़ पौधे लगाए गए थे। बीते वर्ष 10 करोड़ के लक्ष्य में अकेले जयपुर जिले में 77 लाख से अधिक पौधे लगाए, जिसका प्रदेश में पहला स्थान रहा। इसके बाद उदयपुर में 48.50 लाख पौधे लगे। तीसरे स्थान पर भीलवाड़ा जिले में 45.72 लाख पौधरोपण हुआ था। पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में जैसलमेर, बीकानेर जिलों में भी 45–45 लाख से ज्यादा पौधे रोपे गए। इसी तरह जोधपुर में 41.27 लाख, अजमेर 38.25 लाख, अलवर, हनुमानगढ़, चूरू आदि जिलों में भी 30 से 36 लाख पौधों का आंकड़ा छूआ था। अन्य जिलों में सीकर, बाड़मेर, कोटा में 30–30 लाख के आसपास पौधे लगे। नवगठित जिलों में डीग 26.52 लाख, बालोतरा 16.08 लाख, कोटपूतली-बहरोड़ 14.99 लाख, फलोदी 14.64 लाख, खैरथल-तिजारा 13.39 लाख और डीडवाना-कुचामन 11.72 लाख पौधों के साथ सबसे निचले पायदान पर रहे। झालावाड़, बारां और बूंदी में भी औसत 19 से 27 लाख पौधों को लगाया गया। 5 विभागों में शिक्षा विभाग पहले नंबर पर एक पेड़ मां के नाम पौधरोपण अभियान में पांच विभागों में शिक्षा विभाग सबसे आगे रहा। विभाग के नाम अकेले 4 करोड़ से ज्यादा पौधे दर्ज हैं। इसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की ओर से 2.8 करोड़ पौधे लगाए गए। इसमें नरेगा, वाटर शेड और राजीविका शामिल है। इसी तरह तीसरे नंबर पर वन विभाग ने 2 करोड़ से ज्यादा पौधे रोपे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 56 लाख व स्थानीय निकायों ने 36 लाख पौधरोपण किया। अभियान में करीब 70 विभाग–संस्थानों को जिम्मेदारी दी गई थी।