बूंदी जिले के गुहाटा गांव में निर्माणाधीन राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी राम जल सेतु लिंक परियोजना का बुधवार दोपहर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जायजा लिया। इससे पूर्व सीएम ने एक्वाडक्ट पियर का पूजन किया। एक्वाडक्ट पियर वह स्तंभ होता है, जो पानी ले जाने वाले पुल (एक्वाडक्ट) को सहारा देता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राम जल सेतु लिंक परियोजना के तहत निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिल सकेगा। इससे प्रदेश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जलसंसाधन मंत्री सुरेशसिंह रावत, ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद रहे। पहले फेज का काम 15% हुआ संशोधित पीकेसी (रामजल सेतु) प्रोजेक्ट का काम तीन फेज में किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के पहले फेज में 15 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। पहले फेज में 10 हजार करोड़ के वर्कऑर्डर पूर्व सरकार के समय दिए गए थे। वहीं दूसरे फेज में 13 करोड़ करोड़ के काम होंगे। इसके वर्कऑर्डर पिछले दिनों ही दिए गए हैं। संशोधित पीकेसी लिंक प्रोजेक्ट पर करीब 50 हजार करोड़ खर्च होने की संभावना है। संशोधित पीकेसी प्रोजेक्ट का काम नदी जोड़ों परियोजना में होगा। योजना से राज्य को 3378 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर्स) पानी उपलब्ध होगा। इसमें पेयजल, सिंचाई, उद्योग तथा बांधों के भराव आदि के लिए 2930 एमसीएम तथा धौलपुर लिफ्ट परियोजना के लिए 448 एमसीएम पानी का प्रावधान है। वहीं चंबल एक्वाडक्ट का काम करीब 25 प्रतिशत पूरा हो गया है।