अजमेर शहर में ई-रिक्शा ड्राइवरों ने स्थायी स्टैंड की मांग की है। उनका कहना है कि मजबूरी में सड़क किनारे ई-रिक्शा खड़ा करना पड़ता है। ऐसा करने पर ट्रैफिक पुलिस चालान काटती है। क्रांति सेना समिति ने आज कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 14 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि तय समय तक शहर में स्थायी ई-रिक्शा स्टैंड आवंटित नहीं किए गए और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 250 से 300 ई-रिक्शा चालक कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी गाड़ियों की चाबियां कलेक्टर को सौंप देंगे। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर ऑटो और ई-रिक्शा ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी हो। मजबूरी में सड़क किनारे खड़े होते, पुलिस काट देती चालान क्रांति सेना समिति के राजस्थान प्रमुख ठाकुर लोकेश सिंह चौहान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि अजमेर में करीब 1200 ई-रिक्शा चालक स्वयं अपनी गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इसके बावजूद शहर में उनके लिए एक भी स्थायी स्टैंड नहीं है। मजबूरी में सड़क किनारे खड़े होने पर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस चालान काट देती है। कई बार अभद्र व्यवहार भी किया जाता है। संगठन ने शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर स्थायी ई-रिक्शा स्टैंड बनाने की मांग की है। श्रीगंगानगर जैसी घटनाएं रोकने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी ठाकुर लोकेश सिंह चौहान ने कहा कि हाल ही में श्रीगंगानगर में नाबालिग बच्ची के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक ऑटो और ई-रिक्शा चालक का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि हर वाहन पर चालक का नाम, पता, फोटो और पुलिस वेरिफिकेशन प्रमाण-पत्र स्पष्ट रूप से लगाया जाए, ताकि यात्री सफर से पहले उसकी जानकारी अपने परिजनों के साथ साझा कर सकें। इससे महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा बढ़ेगी और आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। 950 चालकों का पहले हो चुका है वेरिफिकेशन संगठन ने बताया कि पूर्व में प्रशासन और पुलिस के सहयोग से लगाए गए संयुक्त शिविरों में करीब 950 ई-रिक्शा चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जा चुका है, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया बंद हो गई। संगठन ने इसे फिर से शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि सभी चालकों का सत्यापन होने से यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा। अवैध ई-रिक्शा और ऑटो पर कार्रवाई की मांग ज्ञापन में बिना परमिट संचालित हो रहे ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। संगठन का कहना है कि कई जर्जर और अवैध वाहन शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने कहा कि यदि 14 जुलाई तक स्थायी स्टैंड आवंटित नहीं किए गए तो चालक अपनी गाड़ियां खड़ी कर उनकी चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।