नीट परीक्षा 2026 रविवार को देशभर में आयोजित होगी, जिसमें 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। राजस्थान में 27 जिलों के 611 परीक्षा केंद्रों पर करीब 2.10 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इस बार नकल रोकने की चुनौती पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक तक पहुंच गई है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने एआई युक्त मेटा ग्लासेज सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। इन ग्लासेज के जरिए इंटरनेट के माध्यम से नकल कराने की आशंका के चलते परीक्षा केंद्रों पर चश्मा पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। चश्मों की बारीकी से जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टर और एसपी की बैठक लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। इसके बाद पुलिस मुख्यालय और एसओजी ने अलग-अलग गाइडलाइन जारी की। एसओजी की विशेष टीमें कोटा, सीकर, जयपुर और जोधपुर में तैनात की गई हैं। परीक्षा केंद्र प्रबंधन और स्थानीय टीमों को भी विशेष निगरानी के लिए SOP जारी की गई है, जिसमें पहली बार मेटा ग्लासेज पर निगरानी का बिंदु जोड़ा गया है। क्या है मेटा ग्लासेज मेटा ग्लासेज ऐसे स्मार्ट चश्मे हैं, जिनसे रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की जा सकती है। इनमें इन-बिल्ट एआई सिस्टम होता है, जिससे सवाल पूछकर तुरंत जवाब प्राप्त किया जा सकता है। ये ब्लूटूथ, वाई-फाई और मोबाइल एप के जरिए अन्य डिवाइस से जुड़ते हैं। यह तकनीक कई देशों में उपलब्ध है और भारत में भी इम्पोर्टेड गैजेट स्टोर्स के माध्यम से मंगवाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को इनकी खरीद बढ़ने के इनपुट मिले हैं। नकल या गड़बड़ी की तो तीन साल के लिए होंगे डिबार, FIR होगी नीट को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। शहर को-ऑर्डिनेटर महिपाल सिंह ने कहा कि परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ ‘लोक परीक्षा अधिनियम-2024’ के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। नकल या नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों को 3 वर्षों तक एनटीए की सभी परीक्षाओं से प्रतिबंधित किया जा सकता है। परिणाम निरस्त - गलत केंद्र पर परीक्षा देने या दूसरे की ओएमआर शीट पर छेड़छाड़ करने की स्थिति में रिजल्ट रद्द कर दिया जाएगा। पुलिस केस - डमी कैंडिडेट मिलने या ओएमआर शीट बाहर ले जाने की कोशिश पर तुरंत केस दर्ज कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। नकल के दोषी पाए जाने पर अभ्यर्थी को नई शीट नहीं दी जाएगी, उसे पुरानी शीट पर ही परीक्षा जारी रखनी होगी। घटना की विस्तृत रिपोर्ट, साक्ष्य और बयान एक विशेष ‘पीले लिफाफे’ में सील कर एनटीए को भेजे जाएंगे।