अजमेर में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत पुलिस ने एक अकाउंट होल्डर को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने बैंक खातों को ठगी के लिए उपलब्ध कराता था, जिसके जरिए करीब 14.78 लाख रुपए का लेन-देन किया गया। जांच में सामने आया कि वह इसके बदले 3 प्रतिशत कमीशन लेता था और लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल था। सिविल लाइंस थाना पुलिस और साइबर थाना पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अजमेर के घुघरा घाटी क्षेत्र से आरोपी राकेश कुमार (28) को डिटेन कर पूछताछ की। तब जाकर साइबर ठगी करने वाले का खुलासा हुआ। आरोपी के खातों में साइबर फ्रॉड की लाखों रुपए की राशि का लेन-देन सामने आया है। अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर एडिशनल एसपी हिमांशु जागिड़ और सीओ शिवम जोशी के निर्देशन में सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह और साइबर थाना टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। 14.78 लाख रुपए का संदिग्ध लेन-देन साइबर थाना से प्राप्त बैंक स्टेटमेंट के आधार पर संदिग्ध म्युल अकाउंट नंबर 44741186813 की जांच की गई। जांच में सामने आया कि 15 दिसंबर 2025 से 9 फरवरी 2026 के बीच इस खाते में कुल 14 लाख 78 हजार 300 रुपए जमा हुए, जो साइबर फ्रॉड से जुड़े हैं। आरोपी के खिलाफ कई शिकायतें पुलिस ने अजमेर के घुघरा घाटी क्षेत्र से आरोपी राकेश कुमार (28) को डिटेन कर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि उसके खिलाफ साइबर हेल्पलाइन 1930 पर एक शिकायत दर्ज है, जिसमें 1.45 लाख रुपए की ठगी हुई थी। इसके अलावा उसके 5 अन्य खातों पर भी कुल 13 साइबर शिकायतें दर्ज पाई गई। 3% कमीशन पर देता था अकाउंट पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खातों को साइबर ठगों को इस्तेमाल करने के लिए देता था और बदले में 3 प्रतिशत कमीशन लेता था। इस काम में उसका साथी मुकेश खारोल भी शामिल है। डिजिटल अरेस्ट और फर्जी मैसेज से ठगी आरोपी और उसके साथी आम लोगों को डिजिटल अरेस्ट, डमी मैसेज, लोन कवर और मनी हेल्प जैसे झांसे देकर सर्विस चार्ज, जीएसटी और विड्रॉल चार्ज के नाम पर ठगी करते थे। ठगी की राशि इन म्यूल खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी।