अजमेर जिले के पीसांगन में डेढ़ महीने के बच्चे को कुत्तों ने बुरी तरह से नोच लिया था। कुत्तों ने उसका पेट फाड़ डाला, जिससे उसकी आंतें बाहर आ गई थीं। वह 4 दिन से जेएलएन हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर था। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह 7 बजे बच्चे की मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के शरीर के कई अंग गंभीर रूप से डैमेज हो गए थे। हालत बिगड़ने पर उसे लगातार वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सीपीआर भी दिया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। बच्चा झोपड़ी में सो रहा था, मां बाहर बना रही थी खाना घटना 24 अप्रैल की रात अजमेर से करीब 40 किलोमीटर दूर पीसांगन के कालेसरा गांव में हुई थी। बच्चे की मां केलम (30) ने बताया था- मैं 24 अप्रैल की रात झोपड़ी के बाहर खाना बना रही थी। पति मकरम काम पर गए थे। झोपड़ी के भीतर मेरा डेढ़ महीने का बेटा सावरा और 3 साल का बड़ा बेटा अरविंद सो रहे थे। तभी कुत्ते झोपड़ी में घुस गए और सीधे छोटे बेटे सावरा पर हमला कर दिया। अरविंद ने कंबल ओढ़ रखा था। शायद इसी वजह से वह कुत्तों की नजरों से बच गया। कुत्ते ने बच्चे को मुंह में दबा रखा था कलम ने बताया- अचानक सावरा के रोने की आवाज आई। मैं भागकर अंदर गई। अंदर का मंजर देखकर होश उड़ गए। अंदर कई कुत्ते थे। एक कुत्ते ने बेटे को मुंह में दबा रखा था। मैंने करीब 5 मिनट तक संघर्ष किया। कुत्ते के जबड़े से बच्चे को छुड़ाकर मैं उसके ऊपर लेट गई। तब जाकर कुत्ता वहां से भागा। घटना के बाद पिता मकरम किराए की गाड़ी लेकर गांव पहुंचे। गंभीर रूप से घायल बच्चे को लेकर जेएलएन अस्पताल लेकर गए। एक दिन पहले भी रुक गई थी धड़कन जेएलएन हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के सीनियर डॉक्टर लखन पोसवाल ने बताया- पीडियाट्रिक सर्जन की टीम ने बच्चे का ऑपरेशन किया था। उसके बाद से बच्चा देखरेख में था। बच्चे की पल्स बिल्कुल फील नहीं हो रही थी। ब्लड प्रेशर इतना कम हो गया था कि रिकॉर्ड तक नहीं हो पा रहा था। हाथ-पैर बिल्कुल ठंडे पड़ गए थे। दोनों किडनी कम काम कर रही थी। इसके चलते यूरिन नहीं आ रहा था। बच्चे को प्रॉपर इलाज देकर ठीक करने का प्रयास किया जा रहा था। एक दिन पहले भी रात में उसकी धड़कन रुक गई थी। उसे सीपीआर देकर रिवाइव किया था। आज सुबह हार्ट बीट रुकने से डेथ हो गई। दांतों और पंजों से पेट फाड़ दिया था पीडियाट्रिक सर्जरी डिपार्टमेंट की डॉक्टर गरिमा अरोड़ा ने बताया- यह एक रेयर केस था। 15 साल में पहली बार अजमेर में ऐसा डॉग बाइट का मामला देखने को मिला, जो काफी भयानक था। डॉ. गरिमा ने बताया- बच्चे के पेट की लेयर पूरी तरह से फट गई थी। आंतें पूरी बाहर आ गई थीं। बाद में आंतें डालकर पेट को कवर किया गया। कुत्तों का सलाइवा फैल गया था, जिससे इंफेक्शन हो गया था। बच्चे का पेट दो जगह से फटा हुआ था। 5 से 6 सेंटीमीटर के घाव मिले थे। बच्चे की छाती पर काटने और नाखून के निशान मिले थे। दांतों और पंजों से पेट फाड़ दिया था। इमरजेंसी में बच्चा सीरियस था। तभी प्राइमरी उसका इलाज कर पेट कवर किया गया। अगर आंतें ज्यादा देर बाहर रहती तो वह सड़ जाती। बच्चे को सांस लेने में भी काफी तकलीफ हो रही थी। रो-रो कर बच्चा सदमे में आ गया था। बच्चे को पहली बार देखकर डर गए थे। बिना किसी को सूचना के घर ले गए शव मासूम की मौत के बाद उसके माता-पिता बिना पोस्टमॉर्टम के ही शव को गांव ले गए। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया, उससे पहले ही बच्चे को दफना चुके थे। अधीक्षक डॉक्टर अरविंद खरे ने कहा कि घरवाले बिना किसी को बताए बच्चे के शव को लेकर निकल गए थे। पीसांगन थाने के हेड कांस्टेबल महेश कुमार ने कहा- परिजनों की ओर से अस्पताल से डिस्चार्ज की दी गई रिसिप्ट दिखाई गई। बच्चे के पिता ने कार्रवाई नहीं करने की बात कही है। … यह खबर भी पढ़ें…… कुत्तों ने डेढ़ महीने के मासूम को नोचा,आंतें बाहर आईं:5 मिनट तक संघर्ष करती रही मां, मासूम के ऊपर लेट कर बचाई जान झोपड़ी में सो रहे डेढ़ माह के मासूम पर कुत्तों ने हमला बोल दिया। वह करीब 5 मिनट तक बच्चे को नोचते रहे। उसकी आंतें बाहर आ गईं। मां ने किसी तरह बच्चे को छुड़ाया और उसके ऊपर लेट कर उसकी जान बचाई। (पूरी खबर पढ़ें)