संगठन बढ़ाओ लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस ने शनिवार को अजमेर में प्रदर्शन किया गया। कांग्रेसी रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और बैरिकेट्स पर चढ़कर नारेबाजी की गई। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह, पूर्व सांसद प्रभा ठाकुर, कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ और शहर अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल सहित अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस मौके पर पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात रहा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने कहा पूरे देश के अंदर लोकतांत्रिक और संविधान विरोधी गतिविधियां चल रही हैं। जिसे देखते हुए कांग्रेस पार्टी पूरे देश और राजस्थान में सड़कों पर है। पिछले 10 दिनों से संविधान के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की जा रही है। पूरे देश को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। कांग्रेस बीजेपी को बेनकाब करने के लिए सड़कों पर उतरी है। सीएम घेवर खिलाने का काम कर रहे सारिका सिंह ने कहा कि झूठ बोलकर 11 सालों से देश की जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है। विकास के नाम पर आज तक किसी भी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया गया। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। संविधान में क्लियर है कि 5 साल में चुनाव करवाना अनिवार्य है। लेकिन यह डरते हैं और इनका ज़नादार खत्म हो चुका है। सारिका सिंह ने कहा कि ढाई साल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली में सिर्फ पटा, दुपट्टा पहनने और घेवर खिलाने का काम कर रहे हैं। क्योंकि वह प्रधान रहे हैं उन्हें पता हैं अगर चुनाव करवाए तो उनकी पोल खुल जाएगी। आप सांसद बीजेपी की वाशिंग मशीन में कूद गए सारिका सिंह ने कहा कि दिल्ली में Ed की टीम भेजकर आप सांसदों को पहले डराया गया। फिर वह छलग लगाकर बीजेपी की वाशिंग मशीन में कूद गए और आज वह पाक साफ हो गए। देश की जनता जान चुकी है। जो मूर्ख बनाने और रोजगार सहित विभिन्न मुद्दों पर बात करती थी वह सरकार आज लोगों को गुमराह कर रही है। महिला आरक्षण कानून 2023 में बन चुका है। बीजेपी उस पर भी राजनीतिक खेल रही है। जनता जान चुकी है कि यह झूठे मक्कार और बदमाशों की सरकार है। कांग्रेस पार्टी हर मोर्चे पर बीजेपी को घेरने का प्रयास करेंगी। जनता के सामने इनका चेहरा बेनकाब करेगी। सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा सारिका सिंह ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार फेल है। महिलाओं का चेहरा आगे करके केंद्र सरकार नौटंकी कर रही है। नारी वंदन अधिनियम की आड़ में परिसीमन की तैयारी की गई थी। इसकी जानकारी पहले से किसी दल को नहीं थी। इस कारण सदन में 230 मतों से यह अधिनियम गिर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग करते हुए दो राज्यों के चुनाव के बीच में सदन बुलाकर यह प्रस्ताव रखा गया। जबकि सभी दलों ने इसके लिए मना किया था। सबका कहना था कि मानसून सत्र में रखा जाए। लेकिन राजनीतिक स्ट्रक्चर से छेड़छाड़ करते हुए नारी वंदन की आड़ में परिसीमन लोकसभा में पेश किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं को महिलाओं का हितेषी बताते हैं। लेकिन जिन पर छेड़छाड़ और दुराचार के आरोप है उन्ही का प्रचार प्रसार करने और उनके पक्ष में वोट डालने की अपील कर रहे हैं। युवाओं और महिलाओं के साथ वादा खिलाफी करके सत्ता में आए।