अजमेर शहर में ऑनलाइन गेमिंग और IPL क्रिकेट मैच पर सट्टेबाजी के खिलाफ कृष्णगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने सट्टा संचालन के लिए फ्लैट उपलब्ध कराने वाले ब्रोकर को गिरफ्तार किया। मामले की जानकारी थाना प्रभारी अरविंद चारण ने दी। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला (IPS) के निर्देश पर शहरभर में अवैध गतिविधियों, ऑनलाइन ठगी और सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अरावली अपार्टमेंट जनाना रोड पर चेकिंग के दौरान 19 अप्रैल को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी रेड्डी अन्ना गेमिंग साइट के जरिए IPL मैचों पर सट्टा लगवा रहे थे। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी पंकज कुमार सैनी और उसके साथियों को सट्टा संचालन के लिए फ्लैट उपलब्ध कराने में ब्रोकर राजेंद्र कुमार साहू की भूमिका थी। आरोपी ने सामान्य किराए की बजाय दोगुने रुपए करीब 8 हजार लेकर फ्लैट उपलब्ध कराया था। साथ ही रेंट एग्रीमेंट के नाम पर रुपए लेने के बावजूद वैध अनुबंध नहीं किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फ्लैट में फोन लाइन-इंटरनेट के जरिए कई मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग कर अन्य लोगों के नाम की सिम से सट्टा संचालन करते थे। इस दौरान आम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर अवैध लाभ कमाया जा रहा था। पुलिस ने षड्यंत्र में शामिल पाए जाने पर ब्रोकर राजेंद्र साहू को गिरफ्तार कर लिया है। ट्रेनों में चोरी करने वाली गैंग का खुलासा, एक महिला गिरफ्तार जीआरपी थाना अजमेर ने ट्रेनों में चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग की एक महिला को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उससे करीब 80 हजार रुपए कीमत का चोरी किया सोने का मांदलिया (लॉकेट) बरामद किया। जीआरपी थाना एसएचओ फूलचंद बालोटिया ने बताया- पूछताछ में आरोपी औद्योगिक नगर बस्ती फालना निवासी आरती (21) ने कहा कि उसके साथ गिरोह में 5 से 6 लोग शामिल हैं। वे भीड़भाड़ वाले स्थानों और ट्रेनों में यात्रियों की ज्वेलरी चोरी करते हैं। इस आधार पर पुलिस की एक टीम अन्य आरोपियों की तलाश में रवाना की गई है। यात्री के गले से तोड़ा था लॉकेट एसएचओ फूलचंद बालोटिया के अनुसार- 25 फरवरी को चित्तौड़गढ़ निवासी विमला देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रेलवे स्टेशन पर भीड़ के दौरान किसी ने उनके गले से सोने का मांदलिया (लॉकेट) चोरी कर लिया। इस पर जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई रमेश चंद्र को सौंपी। महिला चोर को न्यायिक हिरासत में भेजा जांच के दौरान स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और साइबर सेल की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। इसके आधार पर सोमवार को आरती बावरी को डिटेन किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।