अलवर शहर के NEB थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रजवट मैदान के श्मशान घाट के समीप सोमवार रात सड़क किनारे मृत गोवंश के अवशेष मिलने के बाद गोसेवक, बजरंग दल और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता जेल चौराहे पर आकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया। गोसेवकों ने चेताया कि बार-बार गोवंश के अवशेष मिलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गोसेवक खुशहाल सैनी ने बताया कि सोमवार रात करीब 9.30 बजे बाइक से ट्रांसपोर्ट नगर जाते समय पुलिया के दूसरी तरफ सड़क किनारे कुछ कुत्ते एक प्लास्टिक का कट्टा खींचते दिखाई दिए। कट्टे में मृत गोवंश के अवशेष मिले। ये पहले की तरह गोवंश को काटकर अवशेष फेंके गए हैं। सब लोग मौके से जेल सर्किल पर आए। यहां प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा के पाठ शुरू कर दिए। पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रात करीब 11 बजे तक वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए। इसके बाद कुछ कार्यकर्ता गोवंश के अवशेष लेकर पैदल ही वन मंत्री संजय शर्मा के निवास की ओर रवाना हो गए। रास्ते में एनईबी थाना प्रभारी दिनेश मीणा और टीम ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। इसी बीच सिटी सीओ अंगद शर्मा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की। उन्होंने मंगलवार को अवशेषों का पोस्टमार्टम कराने तथा मामले की जांच कर संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। रात करीब साढ़े 11 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ। पुलिस और गोसेवक अवशेषों को पशु चिकित्सालय की मोर्चरी ले गए। इस दौरान एनईबी थाना पुलिस के साथ कोतवाली और शिवाजी पार्क थाना पुलिस व पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा। शहर में पिछले कुछ महीनों में गोवंश से मामलों की यह तीसरी घटना है। पहले 10 अप्रैल को अग्रसेन ओवरब्रिज के पास तथा 15 मई को गोपाल टॉकीज क्षेत्र में मृत गोवंश मिलने पर भी प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान अंजना दीवान, कुलदीप, अतुल राजावत, प्रीतम, पूजा कुकरेजा, गरिमा, यतन, दीपु सैनी, तरुण, वंश, सौम्य, मनीष, नैतिक, गोलू, गजराज आदि मौजूद रहे।