अलवर में काला कुआं स्थित राजकीय सैटेलाइट अस्पताल में 12 घंटे में दो बार हादसा हो गया। अस्पताल में सोमवार सुबह ओपीडी में पंखे सहित लेंटर का हिस्सा गिर गया था। इसमें डॉक्टर और महिला मरीज घायल हो गए थे। वहीं रात करीब 8:30 बजे अस्पताल के दूसरे कमरे की छत का हिस्सा गिर गया। हालांकि उस समय कमरा बंद था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यह कमरा ओपीडी के कमरा नंबर-7 के सामने है। जहां सामान्य दिनों में डॉ. विकास भारद्वाज मरीज देखते हैं। तेज आवाज सुनकर स्टाफ मौके पर पहुंचा तो छत का प्लास्टर और लेंटर का हिस्सा फर्श पर गिरा हुआ मिला। इसके बाद प्रशासन को सूचना देकर कमरे को सील कर दिया गया। वहीं लगातार दो घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जिला कलेक्टर से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पीडब्ल्यूडी को तत्काल मरम्मत कराने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। डॉक्टर और मरीज को सिर में आई थी चोट अस्पताल में सोमवार सुबह करीब 10 बजे कमरा नंबर-7 में ओपीडी के दौरान पंखे सहित छत का प्लास्टर और लेंटर का हिस्सा गिर गया था। हादसे में डॉक्टर सीताराम अग्रवाल और महिला मरीज टीना घायल हो गए थे। दोनों के सिर में चोट आई थीं। हालांकि प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। एक साल से बिल्डिंग जर्जर, PWD को लिखा लैटर हॉस्पिटल की पीएमओ प्रमीला मीणा के अनुसार- अस्पताल प्रशासन पिछले एक साल से अधिक समय से भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पीडब्ल्यूडी को लगातार पत्र लिखता रहा। अगस्त 2025 से जून 2026 तक कई बार मरम्मत की मांग की गई और विभाग को राशि भी उपलब्ध करा दी गई, लेकिन समय पर टेंडर जारी नहीं होने से मरम्मत शुरू नहीं हो सकी। अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में लगातार हो रहे हादसों ने मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। …… यह खबर भी पढ़ें... सरकारी हॉस्पिटल में पंखा और प्लास्टर गिरा,डॉक्टर का सिर फटा:महिला मरीज पर भी मलबा गिरा, पीएमओ बोलीं- बजट होने के बावजूद विभाग ने मरम्मत नहीं करवाई अलवर के सेटेलाइट हॉस्पिटल में सोमवार सुबह छत का प्लास्टर और पंखा डॉक्टर और महिला मरीज पर गिर गया। इससे डॉक्टर का सिर फट गया। वहीं, महिला को भी गंभीर चोट लगी। (पूरी खबर पढ़ें)