प्रदेश में सितंबर के प्रथम सप्ताह से निकाय चुनाव की शुरुआत होगी और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग को 15 नवंबर तक चुनाव संपन्न कराने होंगे। दरअसल, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा था कि कब तक चुनाव कराएंगे। इस मामले में रविवार को सीएस वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में सरकार के स्तर पर कोर्ट में जवाब पेश करने को लेकर मंथन किया गया। चूंकि ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग को हाईकोर्ट से इस बात पर फटकार मिली थी कि 31 जुलाई चुनाव कराने की अंतिम तिथि थी, ऐसे में 14 अगस्त तक रिपोर्ट क्यों? इस मामले में तय हुआ कि ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग 5 अगस्त तक रिपोर्ट सबमिट करेगा। गौरतलब है कि ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग का ओबीसी सर्वे का काम जारी है और यह 23 जुलाई को पूरा होगा। 5 अगस्त को ओबीसी की रिपोर्ट, 15 अगस्त तक लॉटरी पूरी करेंगे ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। ऐसे में 10 दिन के अंदर लॉटरी प्रोसेस और आरक्षित सीटों का निर्धारण होगा, यानी कि 15 अगस्त इस काम की तिथि तय की गई है। यह रिपोर्ट 16-17 अगस्त तक राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष पहुंच जाएगी और आयोग चुनावी शेड्यूल दो-तीन दिन में जारी कर देगा। निर्वाचन आयोग सबसे पहले निकाय चुनाव का शेड्यूल जारी करेगा, जिसके चुनाव 40 दिन में कराए जाएंगे। सितंबर के प्रथम सप्ताह से निकायों की वोटिंग शुरू हो जाएगी। उधर, पंचायतों के चुनाव अक्टूबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत से कराए जाएंगे। ओबीसी आयोग ने 40% आबादी का सर्वे पूरा किया, 23 को स्पष्ट आंकड़े आ जाएंगे राजस्थान के इतिहास में पहला मौका होगा जब ओबीसी कैटेगरी के वोटरों से जुड़े स्पष्ट आंकड़े सरकारी सिस्टम के सामने आएंगे। अब तक ये कयास लगाया जाता रहा है कि 48 से 52 प्रतिशत के बीच इस वर्ग की आबादी का आंकड़ा रहा है। अभी तक ओबीसी कमीशन ने 40 प्रतिशत आबादी का सर्वे कर लिया है। माना जा रहा है कि 23 को इस आंकड़े का खुलासा भी हो जाएगा। विवाद : 15 अप्रैल और 31 जुलाई की समय सीमा पर चुनाव नहीं… 18 अगस्त 2025 : हाईकोर्ट की एकलपीठ ने कहा कि चुनाव समय पर कराना राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। 20 सितंबर 2025: हाईकोर्ट ने याद दिलाया कि चुनाव समय पर होने चाहिए। 14 नवंबर 2025: संयम लोढ़ा व अन्य मामले में 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश मिले थे। दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने चुनाव कराने की अंडरटेकिंग दी। 22 मई 2026: हाईकोर्ट ने 31 जुलाई की समय सीमा तय की थी।