बारां जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में मंगलवार से नशामुक्ति विषयक विशेष जागरूकता अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान का शुभारंभ जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सत्यनारायण टेलर ने शहर के मेलखेड़ी रोड स्थित मॉर्डन स्कूल से किया। उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी न्यायिक अधिकारी सरकारी और निजी विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करेंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें साइबर सुरक्षा, संवैधानिक अधिकारों और सुरक्षित भविष्य के प्रति भी जागरूक करना है। जीवन, परिवार और भविष्य को तबाह कर देता है नशा मॉर्डन स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन, परिवार और भविष्य को तबाह कर देता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यार्थियों को शुरुआत से ही इसके दुष्प्रभावों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। स्टूडेंट्स को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई न्यायाधीश टेलर ने बताया कि सभी न्यायिक अधिकारी विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को यह संदेश देंगे कि "नशा कभी भी कूल नहीं होता, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करें।" उन्होंने विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए कहा, "हम नशे को नहीं चुनेंगे, हम आत्मसम्मान को चुनेंगे।" न्यायाधीश ने विद्यार्थियों से जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इस गंभीर मुद्दे के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। अभियान के दौरान प्रत्येक विद्यालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी भी स्थापित की जाएगी, ताकि विद्यार्थी अपनी समस्याएं और सुझाव गोपनीय रूप से साझा कर सकें।