नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा मंगलवार को बारां पहुंचे। उन्होंने यहां आयोजित शहरी सेवा शिविर में आमजन की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। मंत्री खर्रा ने जानकारी दी कि प्रदेश की सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नामांतरण किए जा रहे हैं और पात्र लोगों को शिविरों के माध्यम से पट्टे वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कच्चे पट्टों के मामलों में न्यायालय की रोक लागू है, जिस कारण उन पर नियमानुसार ही कार्रवाई संभव है। बारां शहर में हर वर्ष मानसून के दौरान होने वाले जलभराव के सवाल पर मंत्री ने इसे वर्षों से चले आ रहे अनियोजित विकास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। निकाय चुनाव के संबंध में मंत्री ने कहा कि चुनाव कराने का अधिकार राज्य निर्वाचन आयोग के पास है और वही चुनाव की तिथि तय करेगा। सेवा शिविरों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मंत्री खर्रा ने कहा कि आमजन इन शिविरों से संतुष्ट हैं। उनके अनुसार सद्भावना रखने वाले नागरिक सरकार की इस पहल का स्वागत कर रहे हैं, जबकि व्यवस्था में बाधा डालने वाले लोग ही असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। इसी बीच शिविर के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर भाजपा पार्षदों ने भी नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि नगर परिषद में स्थायी आयुक्त नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई फाइलें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं। उन्होंने जनसुनवाई में घंटों इंतजार के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर मंत्री के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।