बाड़मेर में ड्रग्स फैक्ट्री की सूचना पर पहुंची डीएसटी को नकली घी की फैक्ट्री मिली। टीम को मौके से 870 किलो तैयार मिलावटी घी, 1560 किलो पाम ऑयल और सोयाबीन तेल समेत अन्य सामान मिला। डीएसटी टीम ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। फूड इंस्पेक्टर ने मौके से घी के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस पूरे मामले की अलग से जांच कर रही है। मामला सदर थाना इलाके में सूरमल नगर रिंग रोड का रविवार का है। फैक्ट्री संचालक जितेंद्र जैन और तिलोक को डीएसटी टीम ने हिरासत में लिया है। दोनों आरोपी बाजार से असली घी लाकर इसमें पाम आयल मिलाकर नकली घी बनाते थे। मादक पदार्थ की सूचना पर पहुंची टीम, मिली घी बनाने की फैक्ट्री बाड़मेर डीएसटी टीम को रात में सूचना मिली कि रिंग रोड पर चामुंडा होटल के सामने एक घर में ड्रग बनाया जा रहा है। आज सुबह टीम मौके पर पहुंची तो वहां मकान के अंदर मिलावटी घी बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। टीम ने पूरे घर की तलाशी ली। वहां बड़ी संख्या में घी के कार्टन, अलग-अलग पैकिंग में तैयार घी, घी बनाने का कच्चा माल, मिक्सिंग मशीनें और पैकिंग मशीनें बरामद हुईं। क्रीम से निकालते थे असली घी, फिर पाम ऑयल मिलाकर करते थे तैयार पुलिस की जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री जितेंद्र जैन और तिलोक नाम के दो युवक चला रहे थे। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वे मारुति डेयरी और बाजार से क्रीम खरीदकर लाते थे। क्रीम से घी निकालते थे। इसके बाद उस घी में करीब 30 से 35 प्रतिशत पाम ऑयल मिलाते थे। घी में दानेदार बनावट दिखाने के लिए 3 से 5 प्रतिशत एक अलग पदार्थ मिलाया जाता था, जिससे मिलावटी घी भी असली जैसा दानेदार दिखाई देता था। इसके बाद पूरे मिश्रण को मशीनों से मिलाकर गर्म किया जाता था। गर्म करने के दौरान निकलने वाली क्रीम को साफ करने के लिए उसमें नमक डाला जाता था। इसके बाद तैयार घी की पैकिंग कर उसे बाजार में 650 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचा जाता था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री पिछले करीब 25 दिनों से चल रही थी। फैक्ट्री में लगी सभी मशीनें डीसा और अहमदाबाद (गुजरात) से मंगाई गई थीं। फोटोज में देखिए… श्री शिव गौरी ब्रांड के कार्टन मिले, घी और कच्चे माल के सैंपल लिए कार्रवाई के दौरान मौके से श्री शिव गौरी ब्रांड घी के कार्टन भी मिले हैं। फूड इंस्पेक्टर ने तैयार घी के सैंपल लिए हैं। इसके साथ ही फैक्ट्री में मिले अन्य कच्चे माल के भी सैंपल लेकर जांच की जाएगी। फूड इंस्पेक्टर राजेश कुमार जागिड़ ने बताया कि डीएसटी टीम इंचार्ज आदेश कुमार से सूचना मिली थी कि बाड़मेर-आगौर रिंग रोड के पास एक मकान में मिलावटी घी बनाया जा रहा है। सूचना के बाद वे सदर थानाधिकारी देवीचंद ढाका के साथ मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में मकान को खोला गया। जांच के दौरान मकान से करीब 870 किलो तैयार नकली घी, 1660 किलो पाम ऑयल, 360 किलो सोयाबीन तेल, 240 किलो रिफाइंड तेल, 75 किलो खारिया ब्रांड का घी और करीब 370 किलो श्री हरि वनस्पति मिली (जो घी को दानेदार बनता है) । उन्होंने बताया कि बरामद घी संदेह के दायरे में है। मौके से एक फर्म के नाम पर जीएसटी नंबर और लाइसेंस भी मिला है। अब इसकी जांच की जा रही है कि यह लाइसेंस उत्पादन (प्रोडक्शन) के लिए है या नहीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मकान जितेंद्र जैन का है। 25-30 से तैयार किया 870 किलो मिलावटी घी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री सेटअप किए 25-30 दिन हुए हैं। इन दिनों में करीब 870 किलो घी तैयार किया गया। इसको डिब्बे में पैक किया गया। वहीं शिव गौरी ब्रांड लगाया गया। इसके ऊपर 650 रुपए की रेट लिखी है। इन्होंने घी को मार्केट में कितना सप्लाई किया है या नहीं इसको लेकर पूछताछ की जा रही है।