बाड़मेर में नर्सिग कर्मियों ने खून से CM भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा। इसमें हटाए गए कर्मियों की सेवा बहाल की करने की मांग की। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के नाम भी डाक पत्र लिखे हैं। इनमें बहाली न होने पर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। इसके अलावा 150 डाक चिट्ठी जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियो को लिखी गई हैं। नर्सिगकर्मी ने बताया- 39 दिन से हम लोग धरने पर बैठे हैं। हमारी मांगें सरकार सुनने को तैयार नहीं है। दरअसल, बाड़मेर हॉस्पिटल परिसर में निष्कासित निविदा नर्सिंग कर्मियों की सेवा बहाली एवं मेरिट व बोनस अंक आधारित नई भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर संविदा नर्सिंगकर्मी धरने पर है। गुरुवार को संविदाकर्मियों ने खून से सीएम भजनलाल शर्मा के नाम पत्र लिखा। इसमें सेवा बहाली करते हुए मेरिट व बोनस अंक आधारित भर्ती विज्ञापन शीघ्र जारी करने जारी करने की मांग की है। नर्सेज ने 150 डाक-पत्र राज्यपाल को लिखे हैं। इनमें सेवा बहाली या इच्छा मृत्यु की सहमति की मांग की है। दिलीप त्रिवेदी ने बताया- बाड़मेर में सेवा समाप्ति से आहत होकर बाड़मेर के नर्सेज धरने पर बैठे थे। आज धरने का 39वां दिन है। किसी भी प्रकार का सकारात्मक परिणाम नर्सेज के हित में नहीं आया है। इस दौरान सुशिया चौधरी, रामू, मनीषा, मेराज, आरती, गंगा, सुनील बामणिया, कल्पेश सेजू, मुरलीधर भांभू, प्रवीण सिंह, प्रमोद कुमार, महेश विश्नोई, राजू दान सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग ऑफिसर धरना स्थल पर उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि मौसम की मार उनके हौसले को कमजोर नहीं कर सकती। न्याय मिलने तक यह संघर्ष पूरी एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर जारी रहेगा।