ब्यावर में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंचायती राज स्थापना दिवस पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पंचायतों और नगरीय निकायों के लंबे समय से लंबित चुनावों के विरोध में किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला दहन किया और मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद, कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शीघ्र चुनाव कराने की मांग की गई। इसमें कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 243E और 243U के तहत समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन राज्य सरकार जानबूझकर इसमें देरी कर रही है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव और जिला प्रभारी प्रतिष्ठा यादव ने कहा कि पंचायतों और नगरीय निकायों के चुनावों में देरी लोकतंत्र पर सीधा हमला है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष किशोर चौधरी ने आरोप लगाया कि चुनावों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति कर स्थानीय स्वशासन को कमजोर किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के मताधिकार का हनन हो रहा है। ब्यावर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी मनोज चौहान ने सर्वोच्च न्यायालय के 'विकास किशनराव गवाली बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र' फैसले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि परिसीमन या प्रशासनिक कारणों से चुनाव टालना वैध नहीं है। खनन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष पाल पदावत ने कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने की समयसीमा तय करने के बावजूद चुनाव नहीं कराना दुर्भाग्यपूर्ण है। महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष इशिका जैन ने बताया कि चुनावों में देरी से महिलाओं और कमजोर वर्गों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा है, जो 73वें और 74वें संविधान संशोधनों की भावना के विपरीत है। वहीं, प्रदेश सचिव शैलेश शर्मा ने राज्य निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने की मांग की। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष राम यादव सहित अन्य नेताओं ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रशासकों के माध्यम से शासन चलाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की शीघ्र बहाली जरूरी है। इस प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव प्रतिष्ठा यादव, जिला अध्यक्ष किशोर चौधरी, आशीष पाल पदावत, मनोज चौहान, अजय शर्मा, राम यादव, इशिका जैन, भारत बाघमार, शैलेश शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।