लंबे इंतजार के बाद सोमवार दोपहर करौली के पांचना बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ दिया गया। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कराई। लंबे समय से पानी छोड़ने की मांग को लेकर दो प्रमुख समुदाय आंदोलनरत थे। सरकार और प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद सहमति बनने पर यह निर्णय लिया गया। बिना ओवरफ्लो हुए बांध से करीब 20 साल बाद पानी छोड़ा गया है। बांध से छोड़ा गया पानी कलसाड़ा क्षेत्र से होकर बयाना उपखंड की सीमा में पहुंचेगा। प्रशासन के अनुसार मंगलवार शाम तक गंभीर नदी में जल प्रवाह बयाना क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। पानी छोड़े जाने के साथ ही उपखंड प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित हादसों और जनहानि की आशंका को देखते हुए गंभीर नदी के बहाव क्षेत्र में विशेष निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पटवारी, वीडीओ सहित अन्य कार्मिको को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश... उपखंड अधिकारी दीपक मित्तल ने बताया कि नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को नदी के पास नहीं जाने देने तथा तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की गई है। ग्रामीणों से पशुधन, पशुचारा, कृषि उपकरण और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर सभी पटवारियों, ग्राम विकास अधिकारियों और अन्य फील्ड कार्मिकों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व, पुलिस, पंचायत और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें भी लगातार हालात पर नजर रखेंगी।