भरतपुर–धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 36 कौमों को जोड़ने के लिए देश के सभी महापुरुषों की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत विभिन्न समाजों की महान हस्तियों की जयंती मनाकर उनके संघर्षों को साझा किया जाएगा, जिससे सामाजिक दूरी कम हो और आपसी एकता मजबूत हो। भरतपुर–धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने बताया कि भरतपुर महाराजा सूरजमल की भूमि है, जहां उनके शासनकाल में सभी 36 कौमों को न्याय और सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नफरत की राजनीति के कारण समाज में विभाजन बढ़ा है, जिसे खत्म करने के लिए यह पहल शुरू की जा रही है। समिति के अनुसार, चाहे किसी भी जाति, धर्म या समुदाय की महान हस्तियां हों, उनकी जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे सभी समाजों के बीच संवाद बढ़ेगा और एक-दूसरे के संघर्षों को समझने का अवसर मिलेगा। फुले और अंबेडकर जयंती 12 अप्रैल को मनाएंगे समिति और सामाजिक विकास सेवा संस्थान द्वारा 15 फरवरी को महाराजा सूरजमल की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। अब महात्मा ज्योतिराव फुले (11 अप्रैल) और डॉ. भीमराव अंबेडकर (14 अप्रैल) की जयंती को 12 अप्रैल को एक साथ मनाया जाएगा। नेम सिंह फौजदार ने बताया कि इन कार्यक्रमों में महापुरुषों के जीवन संघर्षों की जानकारी दी जाएगी और पुष्पांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि लोग उनसे प्रेरणा लेकर समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत कर सकें।