भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भर्ती फायरिंग करने के आरोपी अस्पताल से भाग निकले। पुलिस करीब साढ़े 8 घंटे तक इन्हें ढूंढ़ती रही। इसके बाद आरोपी वापस लौट आए। आपसी विवाद में हुई फायरिंग में दोनों के पैरों में पैरों पर गोली लगी थी। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। दोनों की निगरानी के लिए दो पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे। इसके बावजदू दोनों आरोपी चकमा देकर भाग गए थे। अब पढ़िए पूरा मामला 17 जुलाई को डीग जिले के कामां थाना इलाके के गांव बरौली धाऊ में दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। इसमें आपसी फायरिंग में 2 युवक घायल हुए थे। इन्हें भरतपुर के RBM अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आज सुबह 7 बजे दोनों आरोपी बेड पर नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने इनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। दोनों आरोपी अपने आप दोपहर को 3.30 बजे वापस अस्पताल पहुंच गए। दिलीप और विरेंद्र को पैर में गोली लगी थी घटना में एक पक्ष से गिरीश कीरत और घनश्याम घायल हुए है, तो वहीं दूसरे पक्ष से दिलीप और वीरेंद्र घायल हुए है। दिलीप और वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि गिरीश पक्ष की ओर से की गई फायरिंग में उनके पैर में गोली लगी है। जिसके कारण दोनों को भरतपुर आरबीएम अस्पताल के हड्डी वार्ड में एडमिट कराया गया था। मौका पाकर दोनों फरार हुए दिलीप और वीरेंद्र की निगरानी के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए। रविवार को दोपहर 1 बजे दिलीप और वीरेंद्र मौका पाकर भाग गए थे। जैसे ही वार्ड में तैनात पुलिसकर्मियों को घटना का पता लगा तो, उन्होंने दोनों को अस्पताल में ढूंढा लेकिन, उनका कुछ पता नहीं लगा।