भीलवाड़ा में हिंदी और संस्कृत पढ़ाने वाले टीचर का ट्रांसफर हुआ तो स्कूल के बच्चे नाराज हो गए। स्कूल के बाहर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। बोले- जब तक टीचर को वापस नहीं लाया जाएगा वे धरने से नहीं उठेंगे। चाहे 4 दिन लगें या 5 दिन, हम भूखे-प्यासे बैठे रहेंगे। बच्चों ने स्कूल के बाहर ट्रांसफर रद्द करो के नारे भी लगाए। मामला जिले के कोटड़ी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लसाड़िया का है। बच्चों को समझाने के लिए स्कूल के टीचर और प्रिंसिपल ने भी उनसे बात की। लेकिन, बच्चे अपनी जिद पर अड़ गए। बच्चों ने स्कूल को ताला जड़ दिया और 8:30 बजे से धरने पर बैठे हैं। 30 KM दूर हुआ ट्रांसफर स्कूल की प्रिंसिपल ममता ने बताया- हिंदी और संस्कृत पढ़ाने वाले टीचर हेमराज सिंह राठौड़ का लसाड़िया से 30 KM बड़ा महुआ की स्कूल में कर दिया गया है। इसकी सूचना मिलने पर स्टूडेंट्स ने गुरुवार सुबह 8 बजे विरोध शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह स्टूडेंट्स ने स्कूल के मेन गेट को बंद कर धरना दिया और ट्रांसफर आदेश वापस लेने की मांग की। स्टूडेंट्स का कहना है कि जब तक शिक्षक को वापस स्कूल में नहीं लगाया जाएगा, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। हमने बच्चों को समझाने की कोशिश की। इसके उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। स्टूडेंट्स ने बंद किया स्कूल का गेट सुबह करीब 8:30 बजे बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स स्कूल के मेन गेट के बाहर एकत्रित हो गए और गेट बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्टूडेंट्स ने शिक्षक का ट्रांसफर निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि जब तक ट्रांसफर आदेश वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स ने उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या का समाधान करने की मांग की है। स्टूडेंट्स ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षक का ट्रांसफर निरस्त नहीं किया गया तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे। ट्रांसफर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शिक्षा विभाग में 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर:सबसे ज्यादा ग्रेड सेकेंड टीचर्स के तबादले, पहली बार देना होगा शपथ-पत्र राजस्थान में शिक्षा विभाग में अलग-अलग आदेश जारी कर करीब 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)