भीलवाड़ा में पुलिस ने वसूली करने वाली गैंग के चार मेंबर्स को गिरफ्तार किया है। गैंग खनन कारोबारियों से हर महीने वसूली कर रही थी। आरोप है कि गैंग का सरगना भाजपा का कार्यकर्ता है। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अजय पांचाल ने खुद को जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा का प्रतिनिधि भी बताया है। हालांकि, विधायक का कहना है कि पांचाल केवल पार्टी कार्यकर्ता है, उसने गलत किया है तो कार्रवाई होनी चाहिए। इधर भीलवाड़ा एसपी ने एक ट्रेनी आईपीएस माधव उपाध्याय के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं। इस केस में उनकी भूमिका भी जांच की जा रही है। एक कारोबारी से हर महीने लेते थे 30 हजार जानकारी के अनुसार गैंग 15 से ज्यादा व्यापारियों से वसूली कर रही थी। वे हर व्यापारी से 30 हजार रुपए लेते थे। पिछले चार दिन से अजय पांचाल गैंग की एक्टिविटी बढ़ गई थी। एसपी धमेंद्र सिंह ने बताया कि कोटड़ी थानाधिकारी को गारनेट कारोबारियों को धमकाने की सूचना मिली थी। इसके बाद शनिवार शाम को चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें शिवसुंदर नगर निवासी अजय पांचाल पुत्र मदन लाल, उदलियास निवासी नंद सिंह उर्फ पिंटू सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह, मोहनपुरा निवासी नारायण गुर्जर पुत्र लादू गुर्जर और सालरिया खुर्द निवासी कालू गुर्जर पुत्र भैरु गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। विधायक की गाड़ी जैसा नंबर, प्रतिनिधि लिखकर करता था वसूली जांच में सामने आया कि अजय पांचाल ने विधायक की सफेद फॉरच्यूनर गाड़ी के नंबर 7521 जैसा ही नंबर अपनी काली स्कॉर्पियो पर लगवा रखा था। उसकी गाड़ी के आगे विधायक प्रतिनिधि भी लिखा हुआ था। इसी गाड़ी में घूमकर वह लोगों को धमकाता था और वसूली करता था। आरोप है कि वह खुद को विधायक, एसपी और पुलिस का करीबी बताते हुए कहता था कि उसे ऊपर से भेजा गया है। विधायक मीणा बोले- जानता हूं, पार्टी कार्यकर्ता है आपराधिक षड्यंत्र, संगठित अपराध, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और अवैध खनन जैसे गंभीर अपराधों से पकड़ा गया अजय पांचाल विधायक गोपीचंद मीणा का करीबी बताया जा रहा है। वहीं, विधायक ने बताया कि अजय पांचाल के खिलाफ कई धोखाधड़ी की शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है। यदि उसने गलत काम किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पिंटू व कालू पर पहले भी दर्ज हैं मामले आरोपी पिंटू सिंह उर्फ नंद सिंह पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ चोरी, अवैध खनन, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे केस चल रहे हैं। वहीं, आरोपी कालू गुर्जर भी पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ अवैध खनन और चोरी से जुड़े प्रकरण दर्ज होना सामने आया है। जांच में घिरे IPS बोले- वो मेरा इनफॉर्मर था एसपी धर्मेंद्र सिंह ने प्रोबेशनर आईपीएस माधव उपाध्याय के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी में कुछ संदिग्ध तथ्य सामने आए हैं, जिनमें इस पूरे मामले में उनकी संभावित भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। वहीं, सीओ सदर (भीलवाड़ा) माधव उपाध्याय ने कहा कि अजय पांचाल पहले एक इनफॉर्मर के तौर पर उनसे जुड़ा था और एसपी के जरिए संपर्क में आया था। वह अवैध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं देता था, जिनके आधार पर कई जगह रेड कर कार्रवाई की गई, जिसमें गारनेट और अवैध बजरी खनन के बड़े मामले भी शामिल हैं। उपाध्याय ने कहा कि उससे केवल इंफॉर्मेशन लेने तक ही सीमित संपर्क था। वो पर्दे के पीछे क्या कर रहा था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।