भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला कार्यकारिणी ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और राज्य निर्वाचन आयोग के नाम दो प्रमुख मांगें रखी गईं। संगठन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की निंदा की। ज्ञापन में इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए सरकार से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने और भविष्य में ऐसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। आरक्षण व्यवस्था में समानता की मांग ज्ञापन में राजस्थान में प्रस्तावित पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकाय चुनाव-2026 की आरक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। संगठन का कहना है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए वर्ष 2026 के नवीनतम जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर आरक्षण की तैयारी की जा रही है, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया जा रहा है। संगठन ने इस व्यवस्था को भेदभावपूर्ण बताते हुए सभी वर्गों के लिए समान और पारदर्शी आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की। टीएसपी क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग ज्ञापन में टीएसपी क्षेत्र के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों में अनुसूचित जाति वर्ग को उनकी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी और जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। भीम आर्मी ने कहा कि यदि संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। आवश्यकता पड़ने पर पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा सकता है। यह ज्ञापन भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला कार्यकारिणी की ओर से जिला संयोजक दिलीप रैदास के नेतृत्व में सौंपा गया। संगठन ने अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।