मानव तस्करी निरोधक यूनिट और पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाना रोड क्षेत्र से एक 15 वर्षीय नाबालिग बालक को बाल श्रम से मुक्त कराया। बालक सड़क किनारे पानी की लाइन खुदाई के काम में लगा हुआ था। एएसआई घनश्याम, एएसआई अमीन और हेड कॉन्स्टेबल भरत के सहयोग से हुई इस कार्रवाई में पाया गया कि बालक पिछले पांच दिनों से श्रमिक के रूप में कार्य कर रहा था। मौके पर पांच-छह महिलाएं और पांच पुरुष भी कार्यरत थे। टीम ने तीन-चार बार समझाइश देने का प्रयास किया, लेकिन बालक से लगातार काम लिया जा रहा था। पूछताछ में पता चला कि बालक का पूरा परिवार मध्य प्रदेश के झाबुआ क्षेत्र का निवासी है। बालक ने केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। बालक को बाल श्रम से मुक्त कराने के बाद बाल कल्याण समिति के माध्यम से एक आश्रय गृह में सुरक्षित शेल्टर प्रदान किया गया है। श्रम विभाग को भी सूचित कर दिया गया है, जो इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेगा। संबंधित विभाग बालक के पुनर्वास और शिक्षा की व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। यह भी सामने आया कि बालक पिछले तीन दिनों से धूप में कड़ी मेहनत कर रहा था, जिसकी जानकारी ठेकेदार या अन्य संबंधित व्यक्तियों को समय पर नहीं दी गई थी। आमजन से अपील की गई है कि बाल श्रम जैसे गंभीर मामलों की सूचना तुरंत 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 112 (आपातकालीन सेवा) पर देकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।