बीकानेर हेल्थ डिपार्टमेंट की पीसीपीएनडीटी टीम ने हरियाणा के डबवाली में डिकॉय ऑपरेशन चलाकर भ्रूण का लिंग बताने वाले गिरोह के एक शातिर दलाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले छह महीने से टीम को लगातार चकमा दे रहा था। गर्भवती महिला व उसके परिजनों का सत्यापन करने के बाद ही संपर्क करता था। कैश की बजाय ऑनलाइन भुगतान लेकर भ्रूण लिंग परीक्षण कराने और कई मामलों में बिना जांच ही गर्भ में बेटी होने की झूठी जानकारी देकर गर्भपात के लिए उकसाता था। छह महीने की गोपनीय रैकी और दो नाकाम प्रयासों के बाद तीसरी बार बीकानेर टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। छह महीने की रैकी के बाद गिरोह तक पहुंची टीम पीसीपीएनडीटी प्रभारी महेंद्र सिंह चारण ने बताया- गिरोह हरियाणा में सक्रिय था। करीब छह महीने तक गोपनीय रैकी और निगरानी करने के बाद टीम ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके एक अन्य साथी की तलाश जारी है। मुख्य आरोपी पहले भी पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पकड़ा जा चुका है। दो बार चकमा दिया, तीसरे प्रयास में रंगे हाथ पकड़ा गया बीकानेर और श्रीगंगानगर की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए दो बार कार्रवाई की, लेकिन वह हर बार बच निकला। तीसरे प्रयास में संयुक्त निदेशक बीकानेर जोन डॉ. देवेंद्र चौधरी, सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध, पीसीपीएनडीटी प्रभारी महेंद्र सिंह चारण और उनकी टीम ने डिकॉय ऑपरेशन की रणनीति बनाई। डिकॉय गर्भवती महिला के जरिए संपर्क किया गया। आरोपी ने भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए 36 हजार 500 रुपए मांगे और महिला को डबवाली के एक निजी हॉस्पिटल ले गया। वहां पहले से निगरानी कर रही टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बेटी होने की झूठी जानकारी देकर कराते थे गर्भपात प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह कई मामलों में बिना किसी जांच के ही गर्भ में बेटी होने की झूठी जानकारी देता था और महिलाओं को गर्भपात कराने के लिए प्रेरित करता था। विभाग को आशंका है कि इस अवैध नेटवर्क के कारण अब तक सैकड़ों अजन्मे बच्चों की जान जा चुकी हो सकती है। मामले में अस्पताल और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपी पहले सत्यापन करता, फिर ऑनलाइन पैसे लेता था पूरे ऑपरेशन में पीसीपीएनडीटी प्रभारी महेंद्र सिंह चारण की अहम भूमिका रही। उन्होंने छह महीने तक मुखबिर तंत्र तैयार कर गोपनीय सूचनाएं जुटाईं, लगातार रैकी की और अलग-अलग जिलों की टीमों के बीच समन्वय बनाया। आरोपी इतना शातिर था कि गर्भवती महिला और उसके परिजनों का सत्यापन करने के बाद ही संपर्क करता था। वह नकद की बजाय ऑनलाइन भुगतान लेता था, लेकिन तीसरे प्रयास में उसकी सभी चालाकियां नाकाम हो गईं। कई जिलों की टीमों ने मिलकर दिया ऑपरेशन को अंजाम इस कार्रवाई में नंदलाल पुनिया, रणदीप सिंह, विनोद बिश्नोई सहित बीकानेर, श्रीगंगानगर, सीकर और राज्य पीसीपीएनडीटी सेल की टीमों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी टीमों के संयुक्त प्रयास से हरियाणा में सक्रिय इस अवैध गिरोह तक पहुंचकर कार्रवाई को सफल बनाया गया।