जन्म के कुछ घंटे बाद ही बच्चे को जंगल में एक खंडहर में फेंक दिया। उसके चेहरे और हाथों पर चींटियां काट रही थीं। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद ANM नवजात को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई। मामला बीकानेर के रणजीतपुरा गांव में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे का है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का वजन करीब ढाई किलो है। वह पूरी तरह स्वस्थ है। नर्सिंग स्टाफ उसकी देखभाल कर रहा है। पहले देखें…ये दो तस्वीरें अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम… 1. चींटियों के काटने से रो रहा था बच्चा रणजीतपुरा की ANM मधु श्रीवास्तव ने बताया- आज सुबह रास्ते से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों के बीच खंडहर से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। वे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और पूछा कि क्या अस्पताल में किसी महिला की डिलीवरी हुई है। जब उन्हें बताया गया कि यहां कोई डिलीवरी नहीं हुई है, तो उन्होंने खंडहर में नवजात के पड़े होने की सूचना दी। मैं कपड़ा लेकर मौके पर पहुंची। नवजात को सुरक्षित उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाई। यहां बच्चे को साफ किया गया। उसकी पूरी जांच की गई और दूध भी पिलाया गया। फिलहाल बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। 2. शरीर पर चोट के निशान प्राथमिक जांच में नवजात सुरक्षित और स्वस्थ मिला। हालांकि उसके शरीर पर हल्की चोट के निशान थे। चेहरे, हाथों समेत कई जगह चींटियां चढ़ी हुई थीं। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद ही अज्ञात लोग बच्चे को खंडहर में छोड़कर चले गए थे। 3. परिजनों का नहीं चला पता घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। बच्चे की देखभाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में की जा रही है। रणजीतपुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। नवजात के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास के क्षेत्र से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि बच्चे को खंडहर में छोड़ने वाले लोगों तक पहुंचा जा सके। … नवजात को फेंकने की ये खबरें भी पढ़ें … 1. मुंह में पत्थर ठूंसकर बच्चे को जंगल में फेंका, VIDEO:रोने की आवाज नहीं आए, इसलिए फेवीक्विक लगाया; जलाने के भी निशान मिले भीलवाड़ा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। 15 दिन के मासूम को जंगल में फेंक दिया। रोने की आवाज न आए, इसलिए उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर फेवीक्विक से चिपका दिया। पूरी खबर पढ़िए 2. नवजात बच्ची को 80 फीट गहरे कुएं में फेंक गए:अस्पताल के कपड़े में लिपटी थी, युवक ने जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला 80 फीट गहरे कुएं से नवजात बच्ची मिली है। अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लाया। पूरी खबर पढ़िए