उसके पीछे 7 लड़के लगे थे, उसने बाइक खेत में घुमा दी। मैं अपने घर में झाड़ू लगा रही थी। मैंने देखा उसे लड़कों ने नीचे गिरा दिया और धारदार हथियार से उस पर कई वार किए। थोड़ी देर बाद उसके शरीर में हलचल बंद हो गई। लड़के चिल्लाते हुए बोले- काम हो गया है, चलो भागो यहां से… ये कहना है बांसवाड़ा के टामटिया गांव में हुए हत्याकांड की चश्मदीद का। यहां 26 अप्रैल को हुई हत्या और उसके बाद आगजनी को लेकर अलग-अलग दावे हैं। जिस युवक की हत्या हुई, उसके परिवार का कहना है कि मृतक का कोई प्रेम-प्रसंग नहीं था। उसकी मां कहती हैं- उसका कोई कसूर नहीं था। वहीं, बहन ने कहा- भाई की मौत के बाद किसी लड़की का नाम उसके साथ जोड़ रहे थे। जबकि आरोपियों की तरफ से मेरी विवाहित बहन को लगातार मैसेज किए जा रहे थे। अब पुलिस या तो आरोपियों को फांसी दे या उन्हें हमें सौंप दें। पढ़िए बांसवाड़ा के टामटिया गांव से ये रिपोर्ट… पहले समझिए- क्या था पूरा मामला रविवार शाम 6:30 बजे टामटिया में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक की हत्या कर दी। इसके बाद दूसरा पक्ष इकठ्ठा होकर पहले पक्ष की बस्ती में पहुंच गया। सड़क जाम कर दी और पुलिस को अंदर आने नहीं दिया। भीड़ अचानक उग्र हो गई और पहले पक्ष के 30 से ज्यादा मकान फूंक डाले। इस मामले में पुलिस ने अब तक 3 आरोपियों को डिटेन किया है। फिलहाल गांव में एक्स्ट्रा फोर्स की मौजूदगी के बीच शांति है। प्रत्यक्षदर्शी महिला ने क्या देखा.. बेटा बेहद समझदार और जिम्मेदार था मृतक मां ने बताया- मेरा बेटा जिम्मेदार और कमाऊ था। वह पिछले 10-12 सालों से अहमदाबाद में रहता था। किसी काम से या परिवार की शादियों में ही वह गांव आता था। उसने दिन-रात मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़कर गांव में पक्का मकान बनाया और बाहर दो दुकानें भी बनवाईं, ताकि किराए से मेरी आर्थिक मदद होती रहे। रविवार को वह परिवार में हुई शादी से लौटकर घर पर ही था और सो रहा था। शाम को वह कुछ बोलकर बाइक लेकर निकला, मैंने पूछा भी कि कहां जा रहे हो? पर उसे सुनाई नहीं दिया और वह चला गया। अकेला मेरा बेटा क्या कर सकता था? मां ने बताया कि मारने वाला मुख्य आरोपी और उसके दोनों बेटे भी साथ थे। वे कुल 4 लोग थे, अकेला मेरा बेटा क्या कर सकता था? उन्होंने बेरहमी से उसकी जान ले ली। आरोपी पक्ष का हमारे परिवार के साथ पहले भी झगड़ा हुआ था। मेरी बेटी को मुख्य आरोपी का बेटा मैसेज करता था, यह बात हमारे दामाद को पता चल गई थी। जब दामाद ने फोन कर घर पर यह सब बताया और तो आरोपी के परिवार को इसकी भनक लग गई। उन्होंने हमारे परिवार के एक लड़के के साथ मारपीट की और फरार हो गए थे। उसके बाद से ही उनका टारगेट मेरा बेटा था। वे कहते थे कि ‘हम तेरे बेटे को मारेंगे’। पिछले 1 महीने से वे हमारे घर के बाहर नंगी तलवारें लेकर घूमते थे और डराने की कोशिश करते थे। दिन में 10 चक्कर लगाते थे, जबकि मेरा बेटा बिल्कुल गलत नहीं था। मासूम बच्चों का क्या होगा? रोते हुए मां बोली कि मेरे बेटे का पूरे गांव में सबके साथ बहुत अच्छा व्यवहार था। आप पूरे गांव में किसी से भी पूछ लीजिए, वह कभी किसी को कुछ नहीं कहता था। उसके जाने से अब मेरे इन दो मासूम पोते-पोतियों का क्या होगा? घटना के दूसरे दिन भी हमारी गाड़ी (बाइक) वहीं पड़ी है, लेकिन पुलिस वाले अब तक वारदात की उस जगह पर नहीं आए हैं। हमारी आखिरी बात सुबह हुई थी, लड़की वाली बात झूठी है पत्नी ने बताया- वह कुछ दिनों से अपने पीहर (मायके) में थी। रविवार सुबह पति से उसकी आखिरी बार बात हुई थी। सुबह 8 बजे पति अपने चचेरे भाई की बारात में पास के ही दूसरे गांव में गए थे। उन्होंने कहा था कि यहां शोर काफी ज्यादा है, इसलिए वे घर जाकर बाद में बात करेंगे। शाम को भी मैंने उन्हें फोन लगाया, पर किसी ने फोन नहीं उठाया तो बात नहीं हो सकी। सब जगह लड़की को लेकर जो झूठी बातें कही जा रही हैं, वैसा कुछ भी नहीं है। वे कभी किसी लड़की से बात नहीं करते थे। भाई का खून उसी की शर्ट से पोंछा और बोले- 4 को और मारेंगे ममेरी बहन ने बताया- भाई बारात से घर आया था। वह शाम को बाइक लेकर पास में ही कहीं गया था कि वे लोग सामने आ गए। भाई ने बाइक घुमाई, लेकिन उन्होंने आगे जाकर उसके सिर पर वार कर दिया। उसे कुछ बोलने तक का मौका नहीं दिया और वहीं मार डाला। वहां कुल 6 लोग थे। इनमें एक उनका भांजा था और बाकी 5 लोग उसी परिवार के सदस्य थे। बहन ने बताया कि मेरे भाई को मारने के बाद आरोपियों ने उसके खून को भाई की शर्ट से ही साफ किया। इसके बाद वे कह रहे थे- "अपना काम तो हो गया, अब 4 को और मारेंगे। यह बोलते हुए वे वहां से निकल गए। कुछ दूरी से खड़ी गांव की औरत दूर से पूछ रही थी कि क्यों मारा, तो वे बिना कुछ बोले भाग निकले। पुलिस ने दूसरे दिन भी मौका-ए-वारदात का दौरा नहीं किया, वे कल और आज यहां आए ही नहीं। बिना डरे भाई की हत्या कर दी बहन ने बताया सब जगह अफवाह फैलाई जा रही है कि भाई उनकी बेटी से मिलने गया था या कुछ कह रहा था, जबकि सच यह है कि आरोपी का बेटा हमारी बेटी को पिछले 5 सालों से गलत मैसेज कर परेशान कर रहा था। 1 महीने पहले भी उसने हमारे चचेरे भाई के साथ मारपीट की थी। उस दिन भी मोटागांव थाने की पुलिस आई थी, लेकिन जाति-समाज के दबाव में उन्होंने कुछ नहीं किया। पुलिस ने साफ कह दिया था कि - हम कुछ नहीं कर सकते। पुलिस की इसी लापरवाही के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद थे और उन्होंने बिना डरे भाई की हत्या कर दी। आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए बहन ने रोते हुए कहा- आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए या फिर उन्हें हमारे हवाले कर दिया जाए। हमारे साथ वो खेल-कूदकर बड़ा हुआ, उसने कभी किसी लड़की को गलत नजर से नहीं देखा। अब उसे बदनाम क्यों किया जा रहा है? वह उनके घर नहीं गया था, वह तो हमारे घर से महज 200 मीटर दूर ही था, जहां उन्होंने घात लगाकर उसे मार डाला। मृतक के बारे में कभी कुछ गलत नहीं सुना स्थानीय ग्रामीणों ने बताया- मैंने मृतक के बारे में कभी कुछ गलत नहीं सुना। वह अपने आप में मस्त रहने वाला व्यक्ति था। हम लोग कई बार साथ रहते थे, उसके बारे में कभी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। प्रेम प्रसंग की जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। ग्रामीणों ने बताया- यह मामला पूरी तरह से आपसी रंजिश का है। लड़की वाली बात महज एक अफवाह है। मर्जी से यह कहा जा रहा है। अगर वह लड़की से मिलने जाता, तो आरोपी उसे अपने घर पर मारते। जबकि हकीकत यह है कि हमलावर रोड पर खड़े होकर पहले से उसका इंतजार कर रहे थे। उसे घर के पास आकर मारा है। …. विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 1. युवक की हत्या से गुस्साई भीड़ ने बस्ती जला दी:चूल्हे पर रोटियां छोड़कर भागे लोग; मशालें लेकर आए ग्रामीणों ने घरों में आग लगाई बांसवाड़ा में प्रेम-प्रसंग के विवाद को लेकर विवाद में युवक की हत्या के बाद भीड़ ने 35 घरों की बस्ती पर हमला कर दिया। भीड़ ने लकड़ियां और पत्थर सड़क पर डालकर बस्ती में आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया। पूरी खबर पढ़िए… 2. युवक की हत्या से गांव में तनाव,घरों में आग लगाई:दावा-पुलिस पर भी हुआ पथराव, रातभर गांव के बाहर बैठे रहे अधिकारी बांसवाड़ा जिले के टामटिया गांव में रविवार रात को जमकर बवाल हुआ। एक युवक की हत्या के कारण हुए उपद्रव में 30 से ज्यादा घर फूंक दिए गए। पूरी खबर पढ़िए..