अलवर में बुधवार को बीएसएनएल एम्पलॉइज यूनियन (BSNLEU) के बैनर तले कर्मचारियों ने बीएसएनएल जीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार और बीएसएनएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने जीएमडी के नाम जीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द मांगें पूरी करने की मांग की। यूनियन के जिला सचिव मनमोहन सिंह ने बताया कि बीएसएनएल एम्पलॉइज यूनियन ने 1 जुलाई 2026 को पूरे देश में राष्ट्रीय विरोध दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य बीएसएनएल के नॉन-एक्जीक्यूटिव कर्मचारियों से जुड़े वर्षों से लंबित मुद्दों की ओर सरकार और प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि यूनियन कई बार नेशनल काउंसिल की बैठकों, द्विपक्षीय वार्ताओं और प्रबंधन के साथ चर्चा में इन मांगों को उठा चुकी है। प्रबंधन ने कई बार मांगों को जायज मानते हुए समाधान का आश्वासन भी दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में निराशा बढ़ रही है। यूनियन की प्रमुख मांगों में करीब 15 साल से पेंड़िंग तीसरे वेतन संशोधन (3rd PRC) और वेतन समझौते को जल्द मंजूरी, नॉन-एक्जीक्यूटिव कर्मचारियों के लिए पदोन्नति नीति में सुधार, भत्तों और सुविधाओं में संशोधन, सेवानिवृत्ति लाभ बढ़ाना, सभी कैडरों में एलआईसीई परीक्षा आयोजित करना, कश्मीर घाटी भत्ता लागू करना, पेंडिंग महंगाई भत्ते का भुगतान, स्थानांतरण नीति में बदलाव, प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाने और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सीमा में संशोधन जैसी मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।