हिण्डोली नगर पालिका क्षेत्र में पिछले 30 वर्षों से निवास कर रहे राम सिंह को आखिरकार सेवा शिविर में अपने मकान का कानूनी पट्टा मिल गया है। तकनीकी अड़चनों के कारण उन्हें यह पट्टा नहीं मिल पा रहा था, जिससे वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित थे। शहरी सेवा शिविर में आवेदन करने के बाद नगर पालिका ने रिकॉर्ड समय में उनका पट्टा तैयार कर दिया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने स्वयं फोन कर राम सिंह को बुलाया और उन्हें पट्टा सौंपा। 30 साल के संघर्ष के बाद पट्टा मिलने पर राम सिंह भावुक हो गए और उन्होंने अपनी उम्मीदें छोड़ देने की बात कही। इसी तरह हिण्डोली उपखंड की गुढ़ा गोकुलपुरा पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में नयागुढ़ा निवासी इंदिरा बाई की 50 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई। वे इतने लंबे समय से अपने मकान के पट्टे के लिए परेशान थीं, जिसके अभाव में न तो वे अपने घर की कानूनी मालकिन थीं और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ ले पा रही थीं। शिविर में आवेदन करते ही अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की। मौके पर ही सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर उसी दिन ग्राम पंचायत ने उनका पट्टा जारी कर दिया। आधी सदी बाद पट्टा हाथ में आने पर इंदिरा बाई की आंखें भर आईं और उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। तालेड़ा तहसील की केथूदा ग्राम पंचायत में लगे शिविर ने पीतमपुरा निवासी फूलंता बाई की सालों पुरानी समस्या का भी समाधान किया। राजस्व रिकॉर्ड में उनका नाम 'फुलाबाई' दर्ज था, जबकि उनका सही नाम 'फूलंता बाई' था। इस त्रुटि के कारण उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। शिविर में अधिकारियों ने रिकॉर्ड का मिलान कर मौके पर ही नाम शुद्ध कर दिया, जिससे फूलंता बाई ने राहत की सांस ली और सरकार के प्रति आभार जताया। बूंदी में 20वां सांख्यिकी दिवस मनाया बूंदी में सांख्यिकी के जनक प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के जन्मदिवस पर 20वां सांख्यिकी दिवस मनाया गया। यह आयोजन सोमवार को नगर परिषद कार्यालय में हुआ, जिसमें आर्थिक नियोजन और विकास में सांख्यिकी की भूमिका को 'पावर ऑफ डेटा' बताया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर एचडी सिंह ने कहा कि सांख्यिकी प्रशासन के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि चुनाव, जनगणना, ग्रामीण विकास की मॉनिटरिंग, आपदा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सटीक डेटा ही निर्णय लेने का आधार है। वर्तमान युग में 'डेटा ही शक्ति है' यह बात हर स्तर पर सिद्ध हो रही है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर रमेश देव ने कहा कि क्रॉप कटिंग, पशु गणना और सैंपल सर्वे जैसे माध्यमों से प्राप्त डेटा ही नीति निर्माताओं को बड़े निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि विभाग को नवीनतम तकनीकों से लैस करने पर परिणाम और बेहतर होंगे। सांख्यिकी उपनिदेशक पूनम ढाका ने बताया कि विभाग अब पारंपरिक डेटा संकलन से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में विश्लेषणात्मक निर्णय लेने में अहम भूमिका निभा रहा है। चिकित्सा विभाग के सांख्यिकी अधिकारी सत्यवान शर्मा ने पीसीटीएस पोर्टल, हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम और शाला दर्पण जैसे पोर्टलों के जरिए हो रही मॉनिटरिंग को प्रशासनिक सफलता का बड़ा कारक बताया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त उपनिदेशक एसएस व्यास, रविंद्र वधवा, ओमप्रकाश जैन, विकास सिंह हाड़ा और महेश वर्मा ने विभाग के इतिहास पर प्रकाश डाला। अतिथियों ने सांख्यिकी विभाग द्वारा प्रकाशित विभिन्न सांख्यिकी प्रकाशनों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में सहायक सांख्यिकी अधिकारी सुरेंद्र कुमार मीणा को 'पीसी महालनोबिस अवार्ड' से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक भैरूप्रकाश नागर, जिला कोषाधिकारी चित्रा सिंह, नगर परिषद के अधिकारी, खेल अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रगति प्रसार अधिकारी सुनील कुमार मीणा ने किया।