जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से डिपो तक करीब तीन किलोमीटर तक रोड के दोनों ओर काबिज थड़ी, ठेके आदि अतिक्रमण को गुरुवार को नगर परिषद की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से हटाया। हालांकि अतिक्रमियों ने हल्का विरोध किया, लेकिन नगर परिषद की टीम ने उनकी बात नहीं सुनी और एक-एक करके करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई रोड के दोनों ओर थड़ी-ठेले, केबिन और अस्थाई निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद रोड़ काफी चौड़ा दिखाई देने लगा। अतिक्रमण हटाने से इस रोड की यातायात व्यवस्था और बेहतर सुचारू हो गई। कार्रवाई नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल चौधरी के निर्देश पर की गई। नगर परिषद के राजस्व निरीक्षक सौरभ गर्ग ने बताया कि बस स्टैंड से डिपो तक का मुख्य मार्ग अतिक्रमण के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। सड़क किनारे फैले कबाड़ और अवैध निर्माणों के चलते यातायात में भारी बाधा उत्पन्न हो रही थी, जिससे आमजन को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली से आई टीम ने भी इस मार्ग की स्थिति पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद नगर परिषद ने सख्त कदम उठाते हुए अभियान को तेज किया। नगर परिषद के अनुसार इस कार्रवाई को लेकर शहरवासियों का समर्थन मिल रहा है और लोग टोंक को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, जिससे शहर के मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके। यह कार्रवाई शहर के प्रमुख क्षेत्रों कृषि मंडी, बनवारी लाल चौराहा और धन्ना तलाई मुख्य मार्ग पर केंद्रित रही, जहां सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। अभियान के दौरान कई थड़ी-ठेले, केबिन और अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जिससे लंबे समय से बाधित यातायात को राहत मिलने की उम्मीद है।