राष्ट्रीय संत एवं भारत गौरव आचार्य 108 श्री पुलक सागर महाराज 7 जुलाई को चित्तौड़गढ़ शहर में मंगल प्रवेश करेंगे। उनके स्वागत को लेकर जैन समाज के साथ-साथ कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। समाज के लोगों का कहना है कि यह चित्तौड़गढ़ के लिए खास अवसर है, क्योंकि 10 साल बाद आचार्य श्री का शहर में आगमन हो रहा है। सुबह 6:30 बजे कलेक्ट्रेट चौराहे से मंगल प्रवेश यात्रा शुरू होगी, जो मांगलिक धाम तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। पूरे रास्ते पर स्वागत की विशेष व्यवस्था की जा रही है और समाज के लोग इस आयोजन को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं। 12 दिन तक चलेगा ज्ञान गंगा महोत्सव मंगल प्रवेश के बाद शहर में 7 जुलाई से 18 जुलाई तक हर दिन ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन होगा। यह प्रोग्राम रोज सुबह 8:30 बजे से 10 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान आचार्य पुलक सागर जी महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कृति, अच्छे संस्कार, नैतिक जीवन, आत्मकल्याण और मानवीय मूल्यों के बारे में सरल भाषा में मार्गदर्शन देंगे। आयोजकों का कहना है कि उनके प्रवचन सिर्फ धार्मिक विषयों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि रोजमर्रा के जीवन से जुड़े ऐसे संदेश भी देते हैं, जिन्हें हर व्यक्ति अपने जीवन में अपना सकता है। इसी वजह से उनके प्रवचनों में हर उम्र के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। कई संस्थाएं मिलकर संभाल रही हैं जिम्मेदारी इस पूरे आयोजन का जिम्मा सकल दिगंबर जैन समाज, मुनि सेवा समिति और दिगंबर जैन महिला मंडल, चित्तौड़गढ़ संयुक्त रूप से संभाल रहे हैं। आयोजन की जानकारी देते हुए सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष पारस कुमार सोनी, महामंत्री डॉ. ज्ञान सागर जैन, उपाध्यक्ष राजकुमार गोधा और किला मंदिर कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र टोंगिया ने बताया कि समाज के सभी लोग कई दिनों से तैयारियों में लगे हुए हैं। वहीं मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष मनोज पाटनी, महामंत्री नवीन पाटनी, मीडिया प्रभारी चंद्रेश बज और प्रचार-प्रसार मंत्री शोभित गंगवाल ने बताया कि महोत्सव को लेकर सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। परिवार सहित शामिल होने की अपील आयोजकों ने चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी लोगों से मंगल प्रवेश यात्रा और ज्ञान गंगा महोत्सव में परिवार सहित शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और अच्छे विचारों को आगे बढ़ाने का अवसर भी है। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचेंगे और आचार्य श्री के प्रवचनों का लाभ लेकर आयोजन को सफल बनाएंगे।