गुरु पूर्णिमा पर बुधवार को शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा और आस्था का माहौल रहेगा। हजारेश्वर महादेव मंदिर और बूंदी रोड स्थित रामद्वारा में सुबह से रात तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। गुरु के प्रति सम्मान और आशीर्वाद लेने के लिए राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों से भी शिष्य और भक्त चित्तौड़गढ़ पहुंच रहे हैं। दोनों स्थानों पर गुरु पूजन, दर्शन और सत्संग के कार्यक्रम होंगे। खास बात यह है कि रामद्वारा में गुरु पूर्णिमा के साथ ही चातुर्मास के दो महीने चलने वाले सत्संग की भी शुरुआत होगी। हजारेश्वर महादेव मंदिर में देशभर से आते श्रद्धालु हजारेश्वर महादेव मंदिर के महंत चंद्रभारती जी महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा साल में एक बार आने वाला ऐसा विशेष दिन है, जब शिष्य अपने गुरु के दर्शन और आशीर्वाद के लिए दूर-दूर से आते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब, दिल्ली, मुंबई सहित कई राज्यों से श्रद्धालु इस दिन मंदिर पहुंचते हैं और अपने गुरु की पूजा करते हैं। उनका कहना है कि गुरु के आशीर्वाद का जीवन में विशेष महत्व होता है। गुरु जो मार्गदर्शन देते हैं, वह व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वास के साथ गुरु के चरणों में पहुंचने वाले लोगों की परेशानियां दूर होती हैं और उन्हें मानसिक शांति के साथ नई ऊर्जा भी मिलती है। इसी कारण आषाढ़ पूर्णिमा का यह पर्व गुरु पूर्णिमा के रूप में पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। रामद्वारा में सुबह से रात तक रहेगी श्रद्धालुओं की आवाजाही रामस्नेही संप्रदाय के संत दिग्विजय राम जी महाराज ने बताया कि बूंदी रोड स्थित प्राचीन रामद्वारा में हर साल की तरह इस बार भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश-विदेश और कई राज्यों से भक्त लगातार चित्तौड़गढ़ पहुंच रहे हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आएंगे। सुबह करीब 5 से 6 बजे से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाएगा, जो रात करीब 10 बजे तक जारी रहेगा। सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक सत्संग का आयोजन होगा। इसी दिन से चातुर्मास के दौरान होने वाले दो महीने के सत्संग की शुरुआत भी होगी। पूरे दिन गुरु पूजन का कार्यक्रम चलेगा, जिसमें श्रद्धालु अपनी आस्था, श्रद्धा और समर्पण के साथ गुरु के चरणों में नमन करेंगे। संत बोले- गुरु पूर्णिमा का संदेश, गुरु से मिलता है सही रास्ता संत दिग्विजय राम जी महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। उन्होंने कहा कि गुरु को हमेशा पूर्ण माना गया है, जबकि शिष्य सीखने की प्रक्रिया में रहता है। गुरु वही है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए, जीवन की गलत आदतों को छोड़कर सही रास्ते पर चलना सिखाए और आत्मकल्याण का मार्ग बताए। गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालु गुरु के चरणों में प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेते हैं और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। इसी भावना के साथ हर साल बड़ी संख्या में लोग इस पर्व पर अपने गुरु के दर्शन के लिए चित्तौड़गढ़ पहुंचते हैं।