चूरू जिले में जंगली मधुमक्खियों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन कई घायल लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक एडवाइजरी जारी की है। हाल ही में चूरू के मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल में जंगली मधुमक्खियों के 7 छत्ते पाए गए थे। कॉलेज प्रिंसिपल ने व्यक्तिगत रूप से पीपीई किट पहनकर इन छत्तों को हटाया। कलेक्टर ने की अपील जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने मधुमक्खियों के आक्रमण जैसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए आमजन से आवश्यक ऐहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जंगली मधुमक्खियों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जो मानव जीवन के लिए खतरा बन सकती हैं। DFO ने बचाव के उपाए बताए डीएफओ भवानी सिंह ने बताया कि वन क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के छत्ते हो सकते हैं। गर्मी के मौसम में इनकी गतिविधि अधिक रहती है। छेड़छाड़ या तेज गतिविधि होने पर ये सामूहिक रूप से हमला कर सकती हैं। मधुमक्खियां शोर, कंपन और धुएं से अधिक आक्रामक हो जाती हैं। मधुमक्खियों से बचाव के लिए डीएफओ ने कुछ उपाय सुझाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं मधुमक्खियों का झुंड दिखाई दे, तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। अपने सिर, चेहरे और आंखों को कपड़े या दुपट्टे से ढकें। शांत रहें और अचानक हरकतें करने से बचें। विशेषकर खेतों या खुले क्षेत्रों में जाते समय हल्के रंग के, शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें। वाहन चलाते समय छत्ता दिखने पर धीमी गति रखें और हॉर्न न बजाएं। मधुमक्खियों के हमले के दौरान किसी बंद स्थान में शरण लें। घर के आसपास या अन्य कहीं मधुमक्खियों के छत्ते दिखने पर जिला प्रशासन या किसी विशेषज्ञ को सूचित करें। हमले की स्थिति में रहे अलर्ट डीएफओ भवानी सिंह ने बताया कि यदि मधुमक्खियां हमला करें, तो तुरंत किसी सुरक्षित स्थान (कमरे या वाहन) में चले जाएं (झाड़ियों आदि में न घुसें) तथा सिर और चेहरे को कपड़े से ढकें। अपने चेहरे और गर्दन को अपनी शर्ट या हाथों से ढक लें, क्योंकि पधुमक्खियां अक्सर आंखों और चेहरे पर वार करती हैं। इसी के साथ डंक लगने पर प्रभावित स्थान को साफ करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। ध्यान रखें कि मधुमक्खियों के हमले के दौरान पानी में कूदना सुरक्षित नहीं माना जाता। पानी में कूदना एक गलत धारणा है। मधुमक्खियां आपके बाहर आने तक पानी की सतह पर इंतजार कर सकती हैं। डंक लगने पर डंक को हल्के से खुरचकर निकालें। प्रभावित स्थान को साबुन-पानी से साफ करें व बर्फ से सेक करें। यदि एलर्जी के लक्षण, सांस लेने में कठिनाई, चेहरे गले में सूजन, चक्कर या बेहोशी आदि जैसे लक्षण हों तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं।