लाडो प्रोत्साहन योजना में प्रसूताओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता अटक गई है। सीएमएचओ स्तर पर मॉनिटरिंग कमजोर रहने से वेरिफिकेशन समय पर नहीं हो पाया और इसका सीधा असर भुगतान पर पड़ा है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक जिले में 10460 बालिका जन्म (संस्थागत प्रसव) दर्ज हुए, लेकिन इनमें से सिर्फ 9240 मामलों का ही वेरिफिकेशन हो पाया, जबकि 1220 केस अब भी लंबित हैं। वेरिफिकेशन नहीं होने से इन प्रसूताओं को पहली किस्त तक नहीं मिल पा रही है। सबसे बड़ी दिक्कत पीसीटीएस पोर्टल पर समय पर एंट्री नहीं होने और रिकॉर्ड अधूरे रहने की सामने आई है। गर्भावस्था के शुरुआती 12 हफ्तों में डिटेल दर्ज नहीं होने से बाद में लाडो योजना में वेरिफिकेशन अटक रहा है। जबकि गर्भावस्था के दौरान एएनसी जांच, सोनोग्राफी और ममता कार्ड जैसी प्रक्रिया पूरी होती है। इसके बावजूद रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से प्रसूताओं को भुगतान के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आईएफएससी अपडेट नहीं होने, पोर्टल एरर, जन आधार और पासबुक दस्तावेजों की कमी भी बड़ी वजह बनी हुई है। अगस्त 2025 से मार्च 2026 के बीच दूसरी किश्त के लिए 6613 केस वेरिफाई किए गए, लेकिन इनमें से सिर्फ 5652 को ही भुगतान मिला। यानी 961 प्रसूताओं को दूसरी किश्त अब तक नहीं मिली। ब्लॉकवार प्रगति कई जगह 80-85% पर अटकी हुई है। 54.52 लाख रुपए से ज्यादा की राशि अटकी लाडो योजना में जन्म के समय और एक साल बाद मिलने वाली पहली और दूसरी किश्त 2500-2500 रुपए की है। 1220 लंबित वेरिफिकेशन के कारण पहली किश्त के करीब 30.50 लाख रुपए अटके हैं। वहीं 961 लाभार्थियों की दूसरी किश्त के करीब 24.02 लाख रुपए लंबित हैं। यानी कुल 54.52 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है। लोग बोले- कई माह पहले दस्तावेज दिए लेकिन अभी तक किश्त नहीं आई केस-1 3 माह बाद भी पहली किश्त नहीं मिली मेरी पत्नी मधु ने 18 जनवरी 2026 को पुत्री को जन्म दिया। तीन माह बाद भी पहली किश्त नहीं मिली। कई बार सूचना भी दे है। - राजाबाबू, निवासी नैवाड़ा भुसावर केस-2 दस्तावेज अधूरे थे, किश्त अटकी मेरी पत्नी प्रीति ने 29 जनवरी 2026 को पुत्री को जन्म दिया था। बैंक पासबुक एक माह पहले जमा करा दी, फिर भी किश्त नहीं मिली। - मोहित सिंह, निवासी रसाला मोहल्ला, भरतपुर केस-3 जन आधार नहीं होने से लाडो योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ मेरी पत्नी आशा ने 27 अप्रैल को पुत्री को जन्म दिया। मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी हुई, लेकिन जन आधार नहीं होने से लाडो योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। अब फिर अस्पताल जाकर प्रयास करूंगा। - वीकेश सिंह, निवासी नगला माना डॉ. गौरव कपूर ने कहा- लंबित केस जल्द निपटाए जाएंगे “तकनीकी दिक्कतों, बैंक डिटेल अपडेट नहीं होने और दस्तावेज अधूरे रहने से कुछ केस लंबित हैं। ब्लॉक स्तर पर समीक्षा कर वेरिफिकेशन तेजी से कराया जा रहा है। आईएफएससी अपडेट और पोर्टल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एनएचएम निदेशक को पत्र भी लिखा है।” - डॉ. गौरव कपूर, सीएमएचओ