मानसून भले ही देरी से आया, लेकिन राजधानी के लिए राहत की खबर यह है कि दस्तक के साथ ही बीसलपुर बांध में पानी की आवक शुरू हो गई है। बांध के भीलवाड़ा और टोंक जिले में स्थित कैचमेंट एरिया में पिछले चार दिन से मूसलाधार बारिश होने से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चार दिन में बांध में 20 सेमी पानी आया है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 313.66 आरएल मीटर यानी कुल भराव क्षमता का 67 प्रतिशत हो गया है। 1 जुलाई को 313.48 आरएल मीटर था। लगातार दूसरे वर्ष मानसून के शुरुआती चरण में ही बांध में आवक शुरू हुई है। पिछले वर्ष प्री-मानसून की अच्छी बारिश के कारण 22 जून को ही पानी की आवक शुरू हो गई थी। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा उदयपुर, अजमेर और झुंझुनूं से होकर गुजर रही है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उड़ीसा तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना है। वहीं सीजनल ट्रफ लाइन दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से गुजर रही है। इसके प्रभाव से उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और जयपुर संभाग में तेज से भारी बारिश की संभावना है। बीसलपुर; 28 हजार वर्ग किमी कैचमेंट से आता है पानी ईसरदा; 10,038 करोड़ की परियोजना, 1256 गांवों को मिलेगा पेयजल ईसरदा तैयार; 256 RLM पानी रोकेंगे बीसलपुर बांध से ओवरफ्लो होने वाला पानी ईसरदा बांध में संग्रहित होगा। प्रथम चरण का काम पूरा हो चुका है। अब जल भंडारण क्षमता 253 से बढ़ाकर 256 आरएलएम करने की तैयारी है। एक्सईएन विकास गर्ग ने मुख्य अभियंता को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा है। दूसरे चरण का निर्माण पूरा होने के बाद बांध की क्षमता 262 आरएलएम तक होगी। नवंबर तक सिविल कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण के लिए 29 गांवों की भूमि अधिग्रहण होना बाकी है। “पिछले साल 253 आरएलएम क्षमता तक पानी भरा था। इस बार 256 आरएलएम क्षमता तक पानी भरने की योजना है। मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर स्वीकृति जारी की है। स्वीकृति मिलते ही प्रक्रिया शुरू करेंगे।” -विकास गर्ग, एक्सईएन, प्रोजेक्ट, ईसरदा बांध