जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी और फीस जमा करने के लिए महज 24 घंटे का समय देने के विरोध में छात्र संगठनों का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। एबीवीपी और एनएसयूआई ने केंद्रीय कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। देर शाम प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बढ़ी हुई फीस में करीब 20 प्रतिशत कमी का प्रस्ताव दिया, लेकिन छात्र संगठन कुल फीस वृद्धि को 10 प्रतिशत तक सीमित करने की मांग पर अड़े रहे। अब विश्वविद्यालय मंगलवार को एसएफएस कोर्सेज की सूची जारी कर विद्यार्थियों को फिर से 24 घंटे में फीस जमा कराने का समय देगा। मुख्य द्वार बंद, पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आंदोलन के तीसरे दिन केंद्रीय कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। एबीवीपी जोधपुर प्रांत के प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग ने कहा कि फीस वृद्धि वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। संकायों में हार्डकॉपी जमा कराने के लिए भीड़ उमड़ने से व्यवस्थाएं चरमराईं यूजी प्रथम सेमेस्टर के स्ववित्त पोषित (एसएफएस) कोर्सेज की प्रथम वरीयता सूची मंगलवार को जारी होगी। चयनित विद्यार्थियों को उसी दिन रात 11.59 बजे तक फीस जमा करनी होगी, जबकि दूसरी सूची के विद्यार्थियों को 1 जुलाई रात 11.59 बजे तक का समय मिलेगा। उधर, कॉमर्स फैकल्टी, आर्ट्स फैकल्टी, केएन कॉलेज और अन्य संकायों में हार्डकॉपी जमा कराने के लिए दिनभर विद्यार्थियों की भीड़ लगी रही। फॉर्म और दस्तावेज सत्यापन को लेकर कई संकायों में स्टाफ के बीच भी विवाद की स्थिति बनी रही। जेएनवीयू सेंट्रल ऑफिस के बाहर मांगों को लेकर एबीवीपी के छात्र और पुलिस आमने-सामने हो गए। -फोटो|मनीष दाधीच एनएसयूआई ने किया सद्बुद्धि यज्ञ| एनएसयूआई ने फीस वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर केंद्रीय कार्यालय में सद्बुद्धि यज्ञ किया। छात्रनेता एमएल चौधरी ने कहा कि पूरी फीस वृद्धि वापस होने तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनीष बिश्नोई, अक्षय मेघवाल, सुभाष चौहान, पप्पाराम बिश्नोई और अरविंद नैन सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।