पिछली अशोक गहलोत सरकार के समय घटा मानेसर घटनाक्रम फिर गरमा गया है। 2 दिन से सियासत की सुर्खियों में सिर्फ मानेसर की चर्चा है। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल की टोंक विधायक सचिन पायलट पर टिप्पणी के बाद एक तरफ पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भाजपा पर पलटवार किया। वहीं दूसरी तरफ पूरी कांग्रेस सचिन पायलट के साथ खड़ी हो गई है। पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, हरीश चौधरी, प्रहलाद गुंजल, गिरिराज अग्रवाल, राखी गौतम सहित तमाम नेताओं ने अग्रवाल से माफी मांगने की बात कही। टोंक सहित कई जगह अग्रवाल का पुतला भी फूंका गया। पुतले की शव यात्रा निकाली गई। गौरतलब है कि टोंक में भाजपा के कार्यक्रम में राधा मोहन अग्रवाल ने सचिन को बहुरूपिया व बाहरी कहते हुए सवाल उठाया था कि उनकी एक टांग टोंक में और दूसरी कहां रहती है? इमी पर बवाल मचा हुआ है। हालांकि पायलट ने इस पर सधे शब्दों में कहा कि अग्रवाल से मिला नहीं हूं। उनको मुझसे इतना विशेष प्रेम क्यों हुआ? 3 दिन बाद सचिन ने तोड़ी चुप्पी: बोले- पूछूंगा कि आखिर बात क्या है? पायलट ने कहा- उनको मुझसे विशेष प्रेम क्यों दो दिन से चल रही जुबानी जंग पर पायलट ने मुस्कराते हुए कहा कि अग्रवाल से पहले कभी मेरी मुलाकात नहीं हुई। पता नहीं वे मुझसे इतना ‘विशेष प्रेम’ क्यों रखते हैं? अगर वे मुझे कहीं मिल गए, तो मैं उनसे जरूर पूछूंगा कि आखिर बात क्या है? बोले, संगठन का काम करना और अपनी बात रखना ठीक है, लेकिन राजनीति में मर्यादा का होना अनिवार्य है। टीका-टिप्पणी का एक स्तर होना चाहिए। कीचड़ उछालने से किसी का भला नहीं होता। जूली ने कहा- अग्रवाल की जुबान बेलगाम, माफी मांगें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बोले, पायलट पर टिप्पणी अशोभनीय, निंदनीय, घटिया राजनीतिक स्तर को दर्शाने वाली है। भाजपा की गिरती संस्कृति कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पायलट के लिए अशोभनीय टिप्पणी भाजपा की गिरती सियासी संस्कृति का उदाहरण है। राजनीति में विरोध हो सकता है, वैमनस्य नहीं। वहीं एमपी के प्रभारी हरीश चौधरी, प्रहलाद गुंजल, सचिव गिरराज अग्रवाल, राखी गौतम ने टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की। गजेंद्र ने कहा- मानेसर के लेखक गहलोत केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पायलट को मोहरा बनाया जा रहा है। अशोक गहलोत अपना राजनीतिक वनवास खत्म करने के लिए सचिन पायलट का इस्तेमाल कर रहे हैं। शेखावत ने मानेसर कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उस पूरे घटनाक्रम के असली रचनाकार, लेखक और अंत करने वाले खुद गहलोत ही थे। राठौड़ ने कहा- गहलोत उन्हें बच्चा समझते हैं प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि जब गहलोत कहते हैं कि पायलट की दोनों टांगे कांग्रेस में हैं, तो इसका मतलब ये है कि वो उन्हें पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रहे। गहलोत आज भी पायलट को बच्चा समझते हैं और ये उनका अपमान है।