न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने एमएसपी केंद्रों पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि बदरंग गेहूं बताकर उनकी फसल खरीदने से इनकार किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है। गुंजल ने कहा कि खरीद केंद्रों पर क्वालिटी के नाम पर किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और उनका गेहूं तौलने से इनकार किया जा रहा है। बेमौसम बारिश से किसानों का गेहूं भीगा गुंजल ने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण कई किसानों का गेहूं हल्का भीग गया, जिससे उसकी गुणवत्ता में मामूली फर्क आया है। लेकिन भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ऐसे गेहूं को बदरंग बताकर खरीद से मना कर रहा है। इसे उन्होंने किसानों के साथ सीधा अन्याय बताया। गुंजल ने तुलाई व्यवस्था पर भी उठाया सवाल उन्होंने तुलाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन प्रति बीघा साढ़े 6 क्विंटल तुलाई की बात कर रहा है, जबकि कई किसानों का उत्पादन साढ़े 8 क्विंटल प्रति बीघा तक पहुंचा है। ऐसे में अतिरिक्त गेहूं को किसान कहां बेचें, यह बड़ा सवाल है। गुंजल के मुताबिक, खरीद केंद्रों पर किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्लॉट बुकिंग से लेकर गुणवत्ता जांच तक की प्रक्रिया उनके लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। दूसरी ओर सरकार के प्रतिनिधि सभी प्रकार के गेहूं की सुचारू खरीद के दावे कर रहे हैं, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि खरीद केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्था को तुरंत दूर किया जाए और किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान करना बंद किया जाए। गुंजल ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।