जिला उपभोक्ता आयोग तृतीय ने एक ग्राहक से टोस्ट के पैकेट पर 1 रुपए ज्यादा वसूलने और ऑफर के तहत 9 रुपए में 1 किलो चीनी नहीं देने के मामले में रिलायंस स्टोर पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आयोग ने इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए रिलायंस स्मार्ट बाजार और रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट पर 5-5 हजार रुपए जुर्माना अदा करने के निर्देश दिए हैं। आयोग अध्यक्ष देवेन्द्र मोहन माथुर और सदस्य पवन कुमार भारद्वाज की बेंच ने यह आदेश परिवादी प्रमोद कुमार खंडेलवाल के परिवाद को निस्तारित करते हुए दिए। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि दोनों मामलों में रिलायंस स्टोर द्वारा उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सेवाओं में कमी पाई गई है। वहीं कंपनी ने अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस (अनुचित व्यवहार) भी की है। टोस्ट की खरीद पर एक रुपए ज्यादा लिया परिवादी प्रमोद कुमार खंडेलवाल ने बताया कि उन्होंने 24 मार्च 2025 को आमेर रोड स्थित रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट से ब्रिटानिया का टोस्ट खरीदा था, जिस पर स्टोर ने एक रुपया ज्यादा लिया था। उनका आरोप था कि स्टोर ने ग्राहकों को आकर्षक ऑफर दिखाकर बुलाने और बिल से अधिक राशि वसूलने की अनुचित व्यापार पद्धति अपनाई है। आयोग ने पाया कि परिवादी ने सही तर्क प्रस्तुत किए हैं, जबकि विपक्षी अपना बचाव के पक्ष में पक्का सबूत नहीं दे सका। आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार पद्धति करार दिया। परिवादी को 'जागरूक उपभोक्ता' बताते हुए की सराहना आयोग ने आदेश दिया कि रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट उपभोक्ता को 1 रुपया 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाए और परिवादी को मानसिक संताप के लिए 2,500 रुपए और वाद व्यय के लिए 2,500 रुपए कुल 5,000 रुपए अदा करें। आयोग ने परिवादी को 'जागरूक उपभोक्ता' बताते हुए उसके प्रयासों की सराहना भी की। ऑफर के तहत नहीं दी एक किलो चीनी दूसरे मामले में आयोग ने परिवादी को ऑफर के तहत 9 रुपए में एक किलो चीनी नहीं देने पर स्टोर पर जुर्माना लगाया है। इस मामले में परिवादी ने 11 मार्च 2025 को रामगढ़ मोड़ स्थित रिलायंस स्मार्ट बाजार से खरीददारी की थी। परिवादी का कहना था कि होली के त्योहार पर रिलायंस ने 2,499 रुपए या उससे ज्यादा की खरीदारी पर मात्र 9 रुपए ज्यादा देकर 1 किलो चीनी का ऑफर दिया था। इसी ऑफर से आकर्षित होकर परिवादी ने 3,754.32 रुपए का सामान खरीदा और बिल का भुगतान कर दिया। हालांकि, जब परिवादी ने चीनी की मांग की तो कैशियर ने बार कोड न होने का बहाना करके ऑफर देने से मना कर दिया और बाद में चीनी देने या पैसे वापस करने से भी मना कर दिया। ऑफर का लाभ उपभोक्ता को कराना व्यापारी का दायित्व आयोग के अध्यक्ष दवेंद्र मोहन माथुर और सदस्य पवन कुमार भारद्वाज ने अपने फैसले में कहा कि जब कोई व्यापारी किसी विशेष ऑफर या प्रचार के माध्यम से उपभोक्ताओं को आकर्षित करता है, तब उस ऑफर का लाभ वास्तविक रूप से उपलब्ध कराना उसका विधिक एवं नैतिक दायित्व होता है। इस आचरण को अनुचित व्यापारिक प्रथा की श्रेणी में रखते हुए आयोग ने आदेश दिया कि रिलायंस परिवादी से 9 रुपए प्राप्त कर 1 किलो चीनी या उसके समतुल्य बाजार मूल्य का भुगतान करें और मानसिक संताप और वाद व्यय के रूप में कुल 5 हजार रुपए का भुगतान करें ।