गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर सोमवार को जयपुर में गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत हजारों लोग सड़कों पर उतरे। मानसरोवर के वी.टी. रोड ग्राउंड से शुरू हुई रैली में विभिन्न संप्रदायों के संत-महात्मा, गोभक्त और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। रैली के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह अभियान देशभर के 790 जिलों में एक साथ आयोजित किया गया। रैली में शामिल लोग केसरिया ध्वज लेकर ढोल-मृदंग और भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गाय और बछड़ों को भी लाया गया। शोभायात्रा वी.टी. रोड और शिप्रा पथ क्षेत्र से होकर निकली। मंच पर विभिन्न संप्रदायों के सैकड़ों संत-महात्मा मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान गो संरक्षण और गौ माता के सम्मान से जुड़े नारे लगाए गए। गो-सम्मान आह्वान अभियान के आयोजक ताराचंद कोठारी ने बताया कि इस साल यह दूसरी रैली है। इससे पहले अप्रैल में भी इसी अभियान के तहत रैली निकाली गई थी। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 40 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर वाले पत्र राष्ट्रपति के नाम भेजे जा चुके हैं। उनका कहना है कि गाय करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, लेकिन देशभर में कत्लखानों में बड़ी संख्या में गोवंश की हत्या की जा रही है। इसे रोकने के लिए प्रभावी कानून बनाया जाना चाहिए और गौ माता को राष्ट्रमाता या उसके समकक्ष राष्ट्रीय सम्मान दिया जाना चाहिए। ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में गो माता को राष्ट्रमाता, राष्ट्र देव, राष्ट्र आराध्या, राष्ट्र धरोहर अथवा राष्ट्र आधार जैसे सम्मानित राष्ट्रीय दर्जों में से किसी एक का दर्जा देने की मांग की गई है। इसके साथ ही पूरे देश में गो संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में कृषि विश्वविद्यालयों में गोबर और गोमूत्र पर अनुसंधान केंद्र स्थापित करने, गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी के उपयोग को बढ़ावा देने वाली नीतियां बनाने तथा गोबर और गोमूत्र आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने की मांग भी शामिल है। प्राकृतिक और गो आधारित खेती को बढ़ावा देने, सरकारी भवनों और चिकित्सालयों में गोबर पेंट और गो आधारित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया गया। गोशालाओं, गोचर भूमि और किसानों के लिए भी उठीं मांगें ज्ञापन में निराश्रित गोवंश की सेवा के लिए संचालित गौशालाओं को पर्याप्त सरकारी अनुदान देने, चारे की उचित कीमत तय करने, चारे के अवैध भंडारण पर रोक लगाने और गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की गई। साथ ही गोचर विकास बोर्ड के गठन, गो आधारित कृषि को बढ़ावा देने, ऐसे किसानों को विशेष आर्थिक सहायता देने, पंचगव्य आधारित औषधियों को प्रोत्साहित करने और गो आधारित उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन के लिए सरकार से विशेष नीति बनाने की भी मांग की गई।