भारत-पाक बॉर्डर पर मेटाफेटामाइन (क्रिस्टल मेथ) ड्रग्स की खेप भारत पहुंचने के बाद गुजरात ले जाते समय दो तस्करों के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पकड़े गए तस्करों ने खुलासा किया है कि यह ड्रग्स पाक तस्कर मसात खुद तारबंदी को क्रॉस कर भारत में घुसा। इसके बाद उसने भारत में तारबंदी से करीब 150 मीटर दूर रेत में दबाकर गया था। वह उस जगह की लोकेशन ट्रेस करके गया था। इसके बाद उसने भारतीय तस्कर सलमान से संपर्क किया। उसे लोकेशन दी। बॉर्डर तारबंदी के पास गाड़ी से 5 किलो ड्रग्स रिसीव करने के बाद उसने वीडियो भी मंगवाया था। पुष्टि हो सके कि ड्रग्स मिल गई हैं। इसके बाद उसे गुजरात में ड्रग्स की डिलीवरी देने के लिए रवाना किया गया। बीच रास्ते में एटीएस ने दो तस्करों को एक ईको गाड़ी के साथ दबोच लिया। ड्रग्स मिलने के बाद अब बॉर्डर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पकड़े गए तस्करों ने कई राज खोले हैं। एटीएस एसपी ज्ञानचंद यादव ने बताया कि पाक तस्कर मसात 150 मीटर तक तारबंदी के अंदर घुसकर ड्रग्स रेत में दबा कर गया था। फोन में ड्रग्स प्राप्ति का वीडियो मिला पुलिस थाना सदर में दर्ज एफआईआर के मुताबिक पकड़े गए भारतीय तस्कर सलमान खां ने एटीएस को बताया कि पाकिस्तान के निबलो, जिला थारपारकर निवासी मसात पुत्र मुबारक ने 1 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तालब का पार व बन्ने की बस्ती पोस्ट के बीच मेटाफेटामाइन ड्रग्स जमीन में गाड़ दी थी। इसके बाद एटीएस ने तस्कर सलमान से मौके पर तस्दीक भी करवाई है। सलमान ने 5 किलो क्रिस्टल मेथ रिसीव की थी। उसके बाद उसने वीडियो बनाकर पाक तस्कर को भेजा था। अब एटीएस आरोपी तस्कर सलमान और उसके सहयोगी शंकरराम से गहन पूछताछ कर रही है। दोनों को 13 अप्रैल तक रिमांड पर लिया गया है। एटीएस पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध को भी हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। सलमान के मोबाइल से ड्रग्स प्राप्ति का वीडियो भी मिला है। मोबाइल में पाक तस्कर मसात के नंबर भी थे। गुजरात में मुन्ना भाई नामक व्यक्ति को ड्रग्स सप्लाई करनी थी। इसके लिए वे ईको गाड़ी के चालक शंकरराम के साथ गुजरात के लिए रवाना हुए थे। गाड़ी भी गुजरात पासिंग थी ताकि कोई शक न करे। 1992 में बॉर्डर पर तारबंदी हुई, इसके बाद भी तस्करी पर लगाम नहीं सदर थाने में दर्ज अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की जांच अब एटीएस को दी गई है। एटीएस एएसपी दुर्गसिंह ने बताया कि इस मामले में आज ही जांच रिसीव हुई है। वे पूरे मामले की पड़ताल कर रहे हैं। 13 अप्रैल तक दोनों आरोपी रिमांड पर हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। इसे लेकर संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। तारबंदी के बाद 30 सालों में 1500 करोड़ की ड्रग्स बरामद > 1992 में बॉर्डर पर तारबंदी हो गई थी। फिर भी तस्करी थम नहीं रही है। > 1995 में रामसर थाना ने 700 ग्राम, गडरारोड थाना 2 किलो 800 ग्राम, कोतवाली ने 3 किलो 620 ग्राम हेरोइन। > 1996 में गुड़ामालानी पुलिस ने 4 किलो 670 ग्राम, गिराब पुलिस ने 5 किलो 170 ग्राम हेरोइन बरामद की। > 2000 में बाखासर पुलिस ने 17 किलो 700 ग्राम हेरोइन बरामद की । > 2002 में बिजराड़ पुलिस ने 27 किलो 300 ग्राम हेरोइन बरामद की । > 2005 में रामसर पुलिस ने 14 किलो 650 ग्राम हेरोइन बरामद की। > 2009 में सदर पुलिस ने 15 किलो आरडीएक्स, 14 पिस्टल, 1000+ कारतूस और डेटोनेटर बरामद किए। > 2015 में 2.800 ​किलो हेरोइन पकड़ी। > 2017 में 5 किलो हेरोइन बरामद की । > 2019 में 2.740 किलो हेरोइन पकड़ी। > 2021 में बिजराड़ में 7 व 22 किलो। > 2022 में बॉर्डर से 29 किलो पकड़ी। > 2023 में 34 किलो हेरोइन पकड़ी। > 2025 में 60.3 किलो हेरोइन पकड़ी । > 2025 में बिजराड़ में 4 ग्लॉक पिस्टल, 8 मैगजीन, 78 कारतूस बरामद किए गए।