टोंक की निवाई तहसील क्षेत्र की दहलोद ग्राम पंचायत की सरपंच की ढाणी में बारिश के बाद स्कूल जाने वाला कच्चा रास्ता दरिया बन गया है। हालात ऐसे हैं कि यहां के करीब 30 स्कूली बच्चों को रोजाना लगभग एक किलोमीटर तक एक से डेढ़ फीट पानी, कीचड़ और दलदल से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। फिसलन की वजह से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। 20 बच्चियां और 10 लड़के रोज इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं ग्रामीण बद्री नारायण चौधरी ने बताया कि दहलोद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर राजकीय माध्यमिक विद्यालय है। सरपंच की ढाणी से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित इस स्कूल में ढाणी के 20 बच्चियां और 10 लड़के रोज पैदल पढ़ने जाते हैं। स्कूल तक जाने वाला रास्ता कच्चा है। रास्ते में अतिक्रमण होने के कारण बारिश के दिनों में करीब एक किलोमीटर तक एक से डेढ़ फीट पानी और कीचड़ भर जाता है। इससे तीन से चार महीने तक लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, ग्रामीण भी परेशान ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे रोज इसी पानी भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बार फिसलन के कारण बच्चे गिर भी जाते हैं। सिर्फ स्कूली बच्चों ही नहीं, बल्कि करीब 400 की आबादी वाली इस ढाणी के लोगों को भी पंचायत मुख्यालय पहुंचने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। ऐसे में हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने पक्की सड़क बनाने की मांग की हाल ही में हुई बारिश के बाद यह कच्चा रास्ता पूरी तरह पानी, कीचड़ और दलदल से भर गया है। लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश के पूरे सीजन में ढाणी के लोगों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की है, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।