दौसा में जिला एवं सैशन न्यायाधीश केशव कौशिक ने एक्सीडेंट में गंभीर घायल पीड़ित सियाराम को कोर्ट में राहत दिलाते हुए 29 लाख 52 हजार 670 रुपए की राशि उपलब्ध कराई। रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण कोर्ट नहीं पहुंच सका, तो जज खुद वाहन तक पहुंचे और उसकी जरूरत समझकर बैंक के जरिए ऐसी प्लानिंग करवाई, जिससे उसे हर महीने 20 से 25 हजार रुपए मिल सकें। यह सैलरी नहीं है, बल्कि मुआवजा राशि से मिलने वाली फिक्स मंथली इनकम है। हाईकोर्ट आदेश मिली राशि यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट में सियाराम बनाम ज्ञानसिंह व अन्य से जुड़ा है। 22 जनवरी 2026 के आदेश में बीमा कंपनी को एमएसीटी अवार्ड के अलावा 16 लाख 51 हजार 392 रुपए देने के निर्देश दिए गए थे। आदेश की पालना में कंपनी ने ब्याज सहित कुल 29 लाख 52 हजार 670 रुपए अधिकरण में जमा कराए। कोर्ट नहीं पहुंच सका, जज खुद पहुंचे पीड़ित सियाराम निवासी पट्टी सुल्तानपुरा, लालसोट रीढ़ की गंभीर चोटों के कारण चलने-फिरने में असमर्थ था। ऐसे में जिला जज केशव कौशिक वाहन में बैठे पीड़ित से मिलने पहुंचे। उन्होंने मौके पर उसकी स्थिति देखी और बातचीत कर आगे की जरूरत समझी। हर महीने इनकम के लिए योजना तैयार पीड़ित ने बताया कि वह माता-पिता के साथ रहता है और चाहता है कि मुआवजा राशि से उसे हर महीने 20 से 25 हजार रुपए की स्थायी आय मिले। इस पर जज ने तुरंत बैंक अधिकारी को बुलाकर सुरक्षित निवेश योजना तैयार करवाई। जीवनभर हर महीने मिलेगी तय इनकम बैंक की सलाह पर पूरी राशि इस तरह निवेशित कराई गई कि सियाराम को जीवनभर हर महीने नियमित आय मिलती रहे। इससे उसके जीवनयापन और भविष्य को आर्थिक सुरक्षा मिली है। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल, अधिवक्ता सुदीप मिश्रा, न्यायालय स्टाफ और पीड़ित के परिजन भी मौजूद रहे।