दौसा जिले के सिकराय विधानसभा क्षेत्र के कई सरकारी ऑफिसों का मुख्यालय सिकंदरा बनाने सम्बंधी पत्र लीक हुआ है। इसके बाद बवाल मच गया। मंगलवार को सिकराय उपखंड मुख्यालय पर लोगों ने बाजार बंद कर दिए और विरोध प्रदर्शन करते हुए रैली निकाल दी। लोगों ने कहा है कि सीएम भजनलाल शर्मा ने यथास्थिति का पत्र नहीं भेजा तो 7 दिन बाद आंदोलन करेंगे। यह पत्र सामने आने के बाद विवाद दरअसल, विधायक विक्रम बंशीवाल ने 11 मई 2026 को सीएम को पत्र भेजा था। इसमें मांग की थी कि सिकराय क्षेत्र में वर्तमान में प्रशासनिक व्यवस्था खंड स्तर पर विभाजित होने के कारण आमजन को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है। विधायक ने लिखा था कि भौगोलिक दृष्टि से सिकंदरा सुगम आवागमन सुविधा से युक्त एवं क्षेत्र के मध्य स्थित होने के कारण प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में उपयुक्त स्थान है। ऐसे में खंड सिकराय एवं दौसा को एकीकृत कर मुख्यालय सिकंदरा किया जाए तो प्रशासनिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। सार्वजनिक हुए प्रशासनिक पत्र विधायक की मांग के बाद 14 मई को मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने दौसा कलेक्टर से तथ्यात्मक टिप्पणी मांगी। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। विधायक की मांग से संबंधित प्रशासनिक पत्र सामने आने के बाद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। आंदोलन की चेतावनी लोगों का कहना है कि आवश्यक सेवाओं के ऑफिस सिकराय उपखण्ड मुख्यालय पर होने चाहिएं। हमें जान-बूझकर सिकंदरा के चक्कर काटने को मजबूर करने की साजिश की जा रही है। अगर 7 दिन में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो एसडीएम ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा। विधायक ने लिखा- भ्रम फैला रहे विकास विरोधी तत्व विवाद बढ़ता देख विधायक विक्रम बंशीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा- 11 मई को सीएम को भेजे गए मेरे पत्र के संबंध में सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है। कुछ विपक्षी एवं विकास-विरोधी तत्व राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए भ्रामक जानकारी फैलाकर क्षेत्र के विकास को बाधित करने तथा आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लिखा- जनता को विश्वास दिलाता हूं कि सिकराय की अखंडता, अस्मिता, सम्मान एवं हितों के साथ किसी भी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी।