चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल में इन दिनों सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू के सामने कचरे के ढेर लगे हैं। वहीं कैंटीन के बाहर एक मृत श्वान पड़ा होने से मरीजों और लोगों को दुर्गंध और गंदगी से परेशानी का सामना करना पड़ा है। अस्पताल प्रशासन इस अव्यवस्था से अनजान बना हुआ है। वार्डों में सुबह देर तक सफाई नहीं होने से रोगी और स्टाफ परेशान हैं। पुरानी इमरजेंसी वार्ड से आईसीयू की ओर जाने वाली रैंप पर भी गंदगी है, जिससे लगता है कि लंबे समय से इस रास्ते पर सफाई नहीं हुई है। इस रास्ते से रोजाना अस्पताल प्रशासन और सैकड़ों रोगी गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस लचर सफाई व्यवस्था पर नहीं जाता। अस्पताल की नई इमरजेंसी के सामने लगी बिजली की डीपी के पास भी कचरे का ढेर लगा है, जो सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाता है। कैंटीन के सामने मृत श्वान पड़ा अस्पताल में रोगियों के लिए बनी कैंटीन के सामने शनिवार रात से एक श्वान मृत पड़ा है। रविवार दोपहर करीब 12 बजे तक उसे नहीं उठाया गया। धूप और गर्मी के कारण चारों ओर बदबू फैल गई है, जिससे कैंटीन में आने वाले रोगियों के परिजनों और वहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास डिवाइडर पर लगी जालियों में भी ठेके पर लगे सफाई कर्मचारी कचरा डाल रहे हैं। इस संबंध में पहले भी कई बार अस्पताल प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। सफाई ठेका होने के बाद से आज तक नहीं हुई बायो मैट्रिक हाजरी अस्पताल में जनवरी माह में सफाई ठेका बदला गया था। ठेके के नियमानुसार अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की बायो मैट्रिक हाजरी होनी चाहिए। मगर आज तक ऐसा नहीं हुआ हैं। जो कि ठेका नियमों का उल्लंघन हैं। इसके अलावा अप्रेल माह तक सफाई कर्मचारियों के दस्तावेज अस्पताल में जमा नहीं करवाये गये हैं। जिसको देखकर अस्पताल की सफाई व्यवस्था का आंकलन लगा सकते हैं। वर्तमान सफाई ठेके में गत सफाई ठेके से 10 सफाई कर्मचारी अधिक लगाये हुए हैं। वह इसलिए की अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सुधार हो सके। मगर यहां तो सफाई व्यवस्था में सुधार होने के बजाय सफाई व्यवस्था गड़बड़ा रही हैं। 'अधीक्षक से जानकारी लेंगे' अस्पताल की गड़बड़ाई सफाई व्यवस्था को लेकर जब मेडिकल काॅलेज प्रिंसिपल डाॅ. एमएम पुकार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल अधीक्षक से इस मामले में जानकारी लेकर बतायेंगे।