डीग के गोपालगढ़ थाना क्षेत्र स्थित मिल मदरसे में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान हुए हादसे में एक 16 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। इस घटना में 12 से ज्यादा छात्राएं घायल भी हुई हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए भरतपुर रेंज आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा, जिला कलेक्टर मयंक मनीष और एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने घटनास्थल का दौरा कर विस्तृत निरीक्षण किया। आईजी चंद्रा ने सबसे पहले उस सेफ्टी टैंक का निरीक्षण किया, जहां यह हादसा हुआ था। उन्होंने मदरसे के छात्रावास, छात्राओं के कमरों, लाइब्रेरी और अन्य भवनों की सुरक्षा व्यवस्था का भी बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने परिसर में छात्राओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों और संभावित लापरवाही के बिंदुओं की जांच की। लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई निरीक्षण के दौरान आईजी ने इस बात पर जोर दिया कि यह जांच का विषय है कि नाबालिग छात्राएं सेफ्टी टैंक तक कैसे पहुंचीं। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 5 सदस्यीय समिति करेगी जांच कलेक्टर मयंक मनीष ने बताया कि हादसे की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर पता लगाएगी कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, और यदि किसी अधिकारी या प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले की गहनता से हो रही जांच एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने जानकारी दी कि इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है, जिसमें प्रत्यक्षदर्शियों, मदरसा प्रबंधन और संबंधित लोगों के बयान लेना शामिल है। घटनास्थल से तकनीकी और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कामां वृत्ताधिकारी (सीओ) सीताराम बैरवा, गोपालगढ़ थाना प्रभारी रामनरेश मीणा, सीकरी थाना प्रभारी मुकेश कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।