डीग जिले के एक सरकारी स्कूल में 2 अलग-अलग मामलों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामले में प्रिंसिपल और एक शिक्षक पर छात्राओं से छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और मारपीट का आरोप है, जिसके तहत पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे मामले में उसी विद्यालय के एक शिक्षक के साथ मारपीट, लूट, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रिंसिपल और टीचर पर छात्रा ने लगाया आरोप छात्राओं से कथित छेड़छाड़ और प्रताड़ना का मामला एक नाबालिग छात्रा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल और एक शिक्षक छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करते थे। शिकायत में अश्लील हरकतें करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, छात्राओं के पहनावे पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। यह भी बताया गया है कि विरोध करने वाले कुछ छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की गई और उनसे गैर-शैक्षणिक कार्य भी करवाए जाते थे। रात्रि चौपाल में उठाया मामला यह मामला क्षेत्र में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा गृह राज्य मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उठाया गया था। इसके बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। इसी विद्यालय से जुड़े एक अन्य मामले में एक शिक्षक ने मारपीट, लूट, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है।