कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 2 दिन पहले हुए हादसे में एक बुजुर्ग यात्री की मौत हो गई थी। यह हादसा मंगलवार रात करीब 9 बजे हुआ था। उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर लौट रहे यात्रियों की बस को डंपर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी। इसमें चरण सिंह की मौत हो गई थी। वहीं पांच अन्य यात्रियों के हाथ, पैर और सिर में गंभीर चोटें तथा फ्रैक्चर हुआ है। चरण सिंह के परिजन उत्तर प्रदेश से बुधवार सुबह कोटा पहुंचे। परिजनों की मौजूदगी में सुल्तानपुर थाना पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी कर चरण सिंह का शव सौंप दिया। वहीं चरण सिंह के भांजे शिव कुमार ने पूरी घटना का आंखों देखा हाल बताया। बाथरूम के लिए सड़क किनारे बस को रोकते समय हादसा शिव कुमार ने बताया- सभी लोग महाकाल के दर्शन करने के बाद मंगलवार रात करीब 9 बजे दिल्ली लौट रहे थे। एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों को बाथरूम जाना था, इसलिए बस रोकने की बात हुई। यात्रियों ने ड्राइवर से कहा- किसी पेट्रोल पंप पर गाड़ी रोक लें। इसी दौरान ड्राइवर ने बस की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रखते हुए सड़क किनारे किया। तभी पीछे से तेज रफ्तार में आए डंपर ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस उछल गई और उसमें बैठे यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। शिव कुमार ने बताया- पहली टक्कर के बाद डंपर ड्राइवर ने दोबारा बस को टक्कर मार दी। इससे हादसा अधिक गंभीर हो गया। दुर्घटना में मेरे मामा चरण सिंह की मौत हो गई। वहीं पांच यात्रियों के हाथ, पैर और सिर में गंभीर चोटें तथा फ्रैक्चर हुआ। बस में 24 यात्री थे सवार शिव कुमार ने बताया- सभी घायलों को इलाज के लिए एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। बस में कुल 24 लोग सवार थे और सभी आपस में रिश्तेदार, परिचित और पड़ोसी थे। सभी यात्री 3 जुलाई को दिल्ली के प्रीतमपुरा स्थित दिल्ली जल बोर्ड स्टाफ क्वार्टर से यात्रा पर निकले थे। पहले ओंकारेश्वर और फिर महाकाल के दर्शन करने के बाद वापस लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया।