बयाना उपकारागृह में बंद 14 कैदी सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने की मांग को लेकर पिछले 4 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। तेज गर्मी में भूख हड़ताल से सभी कैदियों की तबीयत बिगड़ गई। हालत ज्यादा खराब होने पर 9 कैदियों को जिला अस्पताल के जेल वार्ड में रेफर करना पड़ा, जबकि 5 कैदियों का उपचार जेल परिसर में ही मेडिकल टीम की निगरानी में किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार-ये कैदी बयाना जेल में सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए उन्हें सेंट्रल जेल, सेवर (भरतपुर) या किसी अन्य सुविधायुक्त जेल में शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इन कैदियों को महज 7 दिन पहले ही गंगापुर सिटी जेल से बयाना उपकारागृह में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद से ही उन्होंने असंतोष जताते हुए 25 अप्रैल से भूख हड़ताल शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार दोपहर एसडीएम दीपक मित्तल और एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत भी जेल पहुंचे। अधिकारियों ने भूख हड़ताल पर बैठे कैदियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कैदी अभी भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। कैदियों का कहना है कि उन्हें गंगापुर जेल से सेंट्रल जेल ले जाने की बात कहकर लाया गया था, लेकिन सेंट्रल जेल ले जाने के बजाय उन्हें बयाना जेल में शिफ्ट कर दिया गया। "22 अप्रैल को गंगापुर सिटी जेल से 30 कैदियों को बयाना जेल में शिफ्ट किया गया था। इनमें से 16 कैदियों ने प्रशासन की समझाइश के बाद एक दिन में ही हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन 14 कैदी अब भी अड़े हैं। बीमार कैदियों का उपचार कराया जा रहा है।" -केदारनाथ शर्मा, जेलर, बयाना उपकारागार