मुंडावर के ततारपुर गांव में ढकवासन माता के वार्षिक मेले में इस बार कुश्ती दंगल ने रोमांच की नई ऊंचाइयां छू लीं। दोपहर 3 बजे शुरू हुए दंगल ने शाम ढलते ही चरम पकड़ लिया। दूधिया रोशनी के बीच रात 7:15 बजे शुरू हुई कामड़े की कुश्तियों ने दर्शकों को बांधे रखा। देशभर से पहुंचे नामी पहलवानों ने अपने दमखम और दांव-पेंच का शानदार प्रदर्शन किया। 15 मिनट की जोर-आजमाइश, नतीजा बराबरी दंगल का सबसे बड़ा मुकाबला 51 हजार रुपए और 750 ग्राम चांदी की गदा के लिए पहलवान रजत और चिराग के बीच हुआ। दोनों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। निर्धारित 15 मिनट तक चले इस मुकाबले में कोई भी पहलवान निर्णायक बढ़त नहीं बना सका और मुकाबला बराबरी पर छूट गया। इसके साथ ही इस बार भी चांदी की गदा किसी के हाथ नहीं लग सकी। सुबह से उमड़ा आस्था का सैलाब दंगल के रोमांच से पहले सुबह से ही मेले में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ढकवासन माता मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और श्रद्धालु घंटों इंतजार के बाद माता के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लेते नजर आए। “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। मंदिर के भगत भगवानाराम ने बताया कि इस बार मेले में आसपास ही नहीं बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे मेले का स्वरूप और भव्य हो गया। भंडारे में उमड़ा जनसैलाब मेले के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। ग्रामीणों ने तन-मन से सेवा करते हुए व्यवस्था संभाली, जो मेले की खास पहचान रही। मेले में बच्चों और महिलाओं के लिए झूले, खिलौने और खरीदारी की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। पूरे मेले में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में गांव के भामाशाह राकेश सेठ का विशेष योगदान रहा, जिसकी हर ओर सराहना हुई। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के लिए ततारपुर थानाधिकारी महावीर सिंह शेखावत, एएसआई राजवीर सिंह सहित पुलिस बल और सुरक्षा सखियां मुस्तैद रहीं।