धौलपुर जिले में चंबल नदी के जल के बेहतर उपयोग के लिए 2 प्रमुख परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इनमें धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना अपने अंतिम चरण में है, जबकि कालीतीर लिफ्ट परियोजना का कार्य धरातल पर शुरू हो चुका है। धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना 23 नवंबर 2017 को शुरू हुई थी, जिसके लिए 772.52 करोड़ रुपए की लागत स्वीकृत है। अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार अग्रवाल के अनुसार, परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे अगले तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना से 39,980 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और सैपऊ, मनियां, धौलपुर व राजाखेड़ा तहसीलों के 256 गांवों को लाभ होगा। साथ ही, 190 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए कुल जल का 10 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है। परियोजना के तहत 225 किलोमीटर डीआई एवं एमएस पाइपलाइन और 1445 किलोमीटर एचडीपीई वितरण नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही, 30 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है। अब तक 261 करोड़ रुपए खर्च कर कई प्रमुख कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिसमें 108 में से 48 डिग्गियों का निर्माण और सोलर प्लांट का लगभग 70 प्रतिशत कार्य शामिल है। 642 करोड़ की कालीतीर लिफ्ट परियोजना का कार्य शुरू वहीं, 25 मई 2023 को स्वीकृत कालीतीर लिफ्ट परियोजना पर 642.89 करोड़ रुपए की लागत से कार्य शुरू हो गया है। इस परियोजना के अंतर्गत सरमथुरा तहसील के कालीतीर क्षेत्र से चंबल नदी का जल लगभग 180 मीटर ऊंचाई तक लिफ्ट कर पार्वती और रामसागर बांधों को भरा जाएगा। इससे सिंचित क्षेत्रों में नियमित पानी उपलब्ध होगा और पेयजल संकट से भी राहत मिलेगी। कालीतीर परियोजना में 10 किलोमीटर एमएस अंडरग्राउंड पाइपलाइन और 2 पम्पिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। अब तक 294 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद जिले में जल प्रबंधन मजबूत होगा। इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलेगी और बड़ी आबादी को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।